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Kanpur News: लाखों रुपये कीमत के प्लॉट हाथ से जाने पर बहन के हत्यारे बन गए भाई
Wed, 01 Apr 2026 02:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 01 Apr 2026 02:06 AM IST
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मूसानगर (कानपुर देहात)। कस्बा के मुर्तजानगर में जमीनी विवाद में भाइयों ने बहन की हत्या कर दी थी। पुलिस ने घटना के बाद से फरार एक हत्यारोपी भाई को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में हत्यारोपी भाई ने कुबूल किया कि बुजुर्ग पिता की कुछ साल सेवा करने पर पिता ने उनको दान में मिले मुगल मार्ग किनारे का लाखों रुपये कीमत का प्लॉट बहन को दे दिया। कई बार समझाने के बाद भी बहन के निर्माण शुरू करवाने की बात उन्हें नागवार गुजरी तो उसने भाई संग मिलकर बहन की हत्या कर दी।
पति से अनबन के बाद मुर्तजानगर स्थित मायके में रह रहीं रेशमा (35) की हत्या के मामले में मंगलवार दोपहर को उसकी हरदुआ भोगनीपुर निवासी बड़ी बहन सीमा ने मूसानगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। बताया कि उसकी छोटी बहन रेशमा की शादी सिकंदरा निवासी अनवार के साथ हुई थी। पति से मतभेद के चलते बहन करीब सात साल से पिता के पास रहकर उनकी सेवा कर रही थी। इससे खुश होकर पिता ने एक प्लॉट बहन रेशमा के नाम कर दिया था। इससे भाई बड़े उर्फ मैनुउदीन, नियाज बहन से ईर्ष्या रखने लगे थे।
तहरीर में बताया की सोमवार को बहन रेशमा ने उसे फोन कर सूचना दी भाई बड़े उर्फ मैनुउदीन, शाजदा पत्नी मैनुउद्दीन, नियाज व चार से पांच अन्य लोग उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। इस पर उसने अपनी सहेली सुमन को फोन कर मूसानगर थाने का नंबर मांगा और घटना की जानकारी पुलिस को दी। इसके कुछ देर बाद पुलिस ने उसे फोन कर बताया कि रेशमा का शव खून से लथपथ घर में मिला है। सीमा ने आरोप लगाया कि प्लॉट को लेकर उसकी बहन की हत्या की गई है।
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सीओ संजय वर्मा ने बताया कि पुलिस ने घटना के बाद से फरार हत्यारोपी भाई नियाज को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सब्बल को बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मुगल रोड किनारे करीब 200 वर्ग गज का पुश्तैनी मकान था। इस प्लॉट को चाचा ने उसे व भाई को दिया था लेकिन पिता ने मायके में रह रही बहन को दे दिया। उन लोगों ने बहन को प्लॉट वापस करने के लिए कई बार कहा लेकिन वह मानी नहीं, यहां तक कि आवास योजना का लाभ मिलने पर उसने निर्माण भी शुरू करवा दिया। प्लॉट पूर्ण रूप से हाथ से जाता नजर आने पर उसने भाई संग मिलकर बहन की हत्या कर दी। इसके बाद घटना छिपाने के लिए घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। सीओ ने बताया कि गिरफ्तार हत्यारोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया जाएगा। शेष फरार हत्यारोपियों की तलाश की जा रही है।
...........................
रिश्तों से मात खाई रेशमा, अंतिम यात्रा में भी नहीं मिला अपनों का साथ
- भाइयों ने हत्या करते वक्त बर्बरता में नहीं छोड़ी कसर
- बहन सीमा व बहनोई परवेज ने कस्बे के कब्रिस्तान में रेशमा के शव को दफनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर देहात। मुर्तजा नगर स्थित मायके में रह रही रेशमा को महज पिता व बहन के साथ को छोड़कर हर कदम पर रिश्तों में मात मिली। रहने के लिए आशियाना मिल जाने से नाराज भाइयों ने उसे मौत की नींद सुला दिया। यहां तक कि अंतिम विदाई में भी पति व बच्चों का साथ नहीं मिल सका।
रेशमा के शव का मंगलवार को अकबरपुर में पोस्टमार्टम करवाया गया। इसकी रिपोर्ट रेशमा की हत्या में की गई बर्बरता को दिखाती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सिर में चोट लगना व अधिक रक्तस्राव रहा। रेशमा के सिर व कान के पास तीन गहरे चोट के निशान मिले। उसके सिर की हड्डी भी टूट गई थी। इसके साथ ही बाएं हाथ की कलाई व एक अंगुली टूटी मिली। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव मुर्तजा नगर ले गए। बहन का शव देख बहन सीमा व परिजन बिलखने लगे।
रेशमा की हत्या के बाद भी उसके पति अनवार व बेटे अयान-ईशान उसकी अंतिम विदाई में शामिल होने नहीं आए। शाम को बहन सीमा व बहनोई परवेज ने कस्बे के कब्रिस्तान में रेशमा के शव को दफनाया। इस दौरान लोग रेशमा के नसीब को लेकर चर्चा करते दिखे। लोगों का कहना है कि रेशमा को जीवन भर रिश्ते निभाने में मात खानी पड़ी। पति से अनबन के चलते ससुराल व बच्चे छूट जाने पर पिता ने पनाह दी। पिता की मौत के बाद उसके सगे भाई ही जमीन के लालच में बेसहारा बहन का सहारा बनने की जगह हत्यारे बन गए। यहां तक की मौत हो जाने के बाद उसके सगे बेटे भी शव का दीदार नहीं कर सके।
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पति से अनबन के बाद मुर्तजानगर स्थित मायके में रह रहीं रेशमा (35) की हत्या के मामले में मंगलवार दोपहर को उसकी हरदुआ भोगनीपुर निवासी बड़ी बहन सीमा ने मूसानगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। बताया कि उसकी छोटी बहन रेशमा की शादी सिकंदरा निवासी अनवार के साथ हुई थी। पति से मतभेद के चलते बहन करीब सात साल से पिता के पास रहकर उनकी सेवा कर रही थी। इससे खुश होकर पिता ने एक प्लॉट बहन रेशमा के नाम कर दिया था। इससे भाई बड़े उर्फ मैनुउदीन, नियाज बहन से ईर्ष्या रखने लगे थे।
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तहरीर में बताया की सोमवार को बहन रेशमा ने उसे फोन कर सूचना दी भाई बड़े उर्फ मैनुउदीन, शाजदा पत्नी मैनुउद्दीन, नियाज व चार से पांच अन्य लोग उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। इस पर उसने अपनी सहेली सुमन को फोन कर मूसानगर थाने का नंबर मांगा और घटना की जानकारी पुलिस को दी। इसके कुछ देर बाद पुलिस ने उसे फोन कर बताया कि रेशमा का शव खून से लथपथ घर में मिला है। सीमा ने आरोप लगाया कि प्लॉट को लेकर उसकी बहन की हत्या की गई है।
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सीओ संजय वर्मा ने बताया कि पुलिस ने घटना के बाद से फरार हत्यारोपी भाई नियाज को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सब्बल को बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मुगल रोड किनारे करीब 200 वर्ग गज का पुश्तैनी मकान था। इस प्लॉट को चाचा ने उसे व भाई को दिया था लेकिन पिता ने मायके में रह रही बहन को दे दिया। उन लोगों ने बहन को प्लॉट वापस करने के लिए कई बार कहा लेकिन वह मानी नहीं, यहां तक कि आवास योजना का लाभ मिलने पर उसने निर्माण भी शुरू करवा दिया। प्लॉट पूर्ण रूप से हाथ से जाता नजर आने पर उसने भाई संग मिलकर बहन की हत्या कर दी। इसके बाद घटना छिपाने के लिए घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। सीओ ने बताया कि गिरफ्तार हत्यारोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया जाएगा। शेष फरार हत्यारोपियों की तलाश की जा रही है।
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रिश्तों से मात खाई रेशमा, अंतिम यात्रा में भी नहीं मिला अपनों का साथ
- भाइयों ने हत्या करते वक्त बर्बरता में नहीं छोड़ी कसर
- बहन सीमा व बहनोई परवेज ने कस्बे के कब्रिस्तान में रेशमा के शव को दफनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर देहात। मुर्तजा नगर स्थित मायके में रह रही रेशमा को महज पिता व बहन के साथ को छोड़कर हर कदम पर रिश्तों में मात मिली। रहने के लिए आशियाना मिल जाने से नाराज भाइयों ने उसे मौत की नींद सुला दिया। यहां तक कि अंतिम विदाई में भी पति व बच्चों का साथ नहीं मिल सका।
रेशमा के शव का मंगलवार को अकबरपुर में पोस्टमार्टम करवाया गया। इसकी रिपोर्ट रेशमा की हत्या में की गई बर्बरता को दिखाती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सिर में चोट लगना व अधिक रक्तस्राव रहा। रेशमा के सिर व कान के पास तीन गहरे चोट के निशान मिले। उसके सिर की हड्डी भी टूट गई थी। इसके साथ ही बाएं हाथ की कलाई व एक अंगुली टूटी मिली। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव मुर्तजा नगर ले गए। बहन का शव देख बहन सीमा व परिजन बिलखने लगे।
रेशमा की हत्या के बाद भी उसके पति अनवार व बेटे अयान-ईशान उसकी अंतिम विदाई में शामिल होने नहीं आए। शाम को बहन सीमा व बहनोई परवेज ने कस्बे के कब्रिस्तान में रेशमा के शव को दफनाया। इस दौरान लोग रेशमा के नसीब को लेकर चर्चा करते दिखे। लोगों का कहना है कि रेशमा को जीवन भर रिश्ते निभाने में मात खानी पड़ी। पति से अनबन के चलते ससुराल व बच्चे छूट जाने पर पिता ने पनाह दी। पिता की मौत के बाद उसके सगे भाई ही जमीन के लालच में बेसहारा बहन का सहारा बनने की जगह हत्यारे बन गए। यहां तक की मौत हो जाने के बाद उसके सगे बेटे भी शव का दीदार नहीं कर सके।