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कानपुर में गंगा किनारे मस्ती करना तीन दोस्तों को महंगा पड़ गया, एक की मौत, मचा कोहराम
Wed, 19 Jun 2019 11:21 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 19 Jun 2019 11:21 PM IST
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गंगा बैराज कानपुर
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में गंगा किनारे पत्थर पर बैठकर मस्ती करना तीन दोस्तों को महंगा पड़ गया। तेज बहाव के चलते दो दोस्त गंगा में चले गए। दो युवकों ने छलांग लगाकर दोनों को बाहर निकाला। इसमें एक की मौत हो गई।
गोविंदनगर की डीबीएस कच्ची बस्ती निवासी संजय कुमार रोडवेज में संविदा चालक हैं। उनका बेटा बेटा अभिषेक (25) बीएससी करने के बाद प्राइवेट नौकरी करता था। बुधवार दोपहर वह बर्रा निवासी दोस्त मनोज कश्यप और गोविंदनगर निवासी दीपक के साथ गंगा बैराज गया था। तीनों गंगा किनारे पत्थर पर बैठ गए। अचानक अभिषेक का पैर फिसल गया और वह डूबने लगा।
मनोज ने बचाने के लिए अभिषेक का हाथ पकड़ा तो वह भी गहरे पानी में समा गया। दोनों दोस्तों को डूबता देख अभिजीत ने मदद के लिए शोर मचाई तो रनियां (कानपुर देहात) निवासी सद्दाम और अक्षय ने पानी में छलांग लगा दी। दोनों गोताखोरों ने मनोज को कुछ ही मिनट में पानी से बाहर निकाल लिया, लेकिन अभिषेक का कुछ पता नहीं चल सका। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों को भी पानी में उतारा। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद अभिषेक को बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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अभिषेक तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। अभिषेक की मौत की खबर सुनकर हैलट पहुंची मां मायादेवी, बहन अलका और छोटे भाई अभिजीत का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता संजय ने पुलिस को बताया कि वह बीएससी के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी करता था। साथ ही प्राइवेट काम कर घर के खर्च में भी हाथ बंटाता था। उसकी शादी के लिए रिश्ते भी आ रहे थे। उधर, मनोज के डूबने की खबर सुनकर हैलट पहुंची मां, बेटे को सकुशल पाकर सीने से चिपका कर रोने लगी। डॉक्टराें ने मनोज की हालत खतरे से बाहर बताई है।
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गोविंदनगर की डीबीएस कच्ची बस्ती निवासी संजय कुमार रोडवेज में संविदा चालक हैं। उनका बेटा बेटा अभिषेक (25) बीएससी करने के बाद प्राइवेट नौकरी करता था। बुधवार दोपहर वह बर्रा निवासी दोस्त मनोज कश्यप और गोविंदनगर निवासी दीपक के साथ गंगा बैराज गया था। तीनों गंगा किनारे पत्थर पर बैठ गए। अचानक अभिषेक का पैर फिसल गया और वह डूबने लगा।
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मनोज ने बचाने के लिए अभिषेक का हाथ पकड़ा तो वह भी गहरे पानी में समा गया। दोनों दोस्तों को डूबता देख अभिजीत ने मदद के लिए शोर मचाई तो रनियां (कानपुर देहात) निवासी सद्दाम और अक्षय ने पानी में छलांग लगा दी। दोनों गोताखोरों ने मनोज को कुछ ही मिनट में पानी से बाहर निकाल लिया, लेकिन अभिषेक का कुछ पता नहीं चल सका। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों को भी पानी में उतारा। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद अभिषेक को बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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अभिषेक तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। अभिषेक की मौत की खबर सुनकर हैलट पहुंची मां मायादेवी, बहन अलका और छोटे भाई अभिजीत का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता संजय ने पुलिस को बताया कि वह बीएससी के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी करता था। साथ ही प्राइवेट काम कर घर के खर्च में भी हाथ बंटाता था। उसकी शादी के लिए रिश्ते भी आ रहे थे। उधर, मनोज के डूबने की खबर सुनकर हैलट पहुंची मां, बेटे को सकुशल पाकर सीने से चिपका कर रोने लगी। डॉक्टराें ने मनोज की हालत खतरे से बाहर बताई है।