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बॉटेनिकल गार्डेनः 70 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट, फर्जीवाड़ा कर भाग गई कंपनी, एफआईआर दर्ज
Sun, 19 May 2019 01:44 PM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 19 May 2019 01:44 PM IST
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बॉटेनिकल गार्डेन में अधूरा पड़ा काम
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में गंगा बैराज के पास लोहिया बॉटेनिकल गार्डेन का निर्माण करवा रही कोलकाता की कंपनी ने केडीए के फर्जी दस्तावेज लगा 4 करोड़ 34 लाख की बैंक गारंटी हड़प ली। केडीए ने कंपनी से जब संपर्क किया तो उसके सारे अफसरों के नंबर बंद मिले। इस पर केडीए के अधिशासी अभियंता ने शुक्रवार को स्वरूप नगर थाने में कंपनी के चार अफसरों पर एफआईआर दर्ज करवाई है। केडीए ने अनुबंध निरस्त करने के लिए कंपनी को एक पत्र भी भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
केडीए के अधिशासी अभियंता राना प्रताप सिंह ने बताया कि सन 2015 में केडीए ने गार्डेन के टेंडर निकाले थे। इसमें जीपीटी इन्फ्राप्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को निर्माण कार्य मिला था। कंपनी का दफ्तर कोलकाता में है। प्रोजेक्ट का कुल बजट 70 करोड़ रुपये था। कंपनी को 11 करोड़ 95 लाख रुपये का भुगतान भी किया जा चुका था। मगर, निर्माण काम काफी धीमा चला। मौजूदा समय में गार्डेन का सिर्फ 20 फीसदी ही काम हो सका है। इस कारण अक्टूबर 2018 में केडीए वीसी किंजल सिंह ने काम पर रोक लगा दी थी।
कंपनी ने एक करोड़ 34 लाख रुपये अर्नेस्ट मनी(टेंडर के समय गारंटी की रकम) और 3 करोड़ रुपये इलाहाबाद बैंक की गारंटी लगाई थी। जांच में पता चला कि कंपनी ने बैंक में केडीए के फर्जी दस्तावेज लगा पूरी रकम कैश करवा ली। अब केडीए ने कंपनी के तीन निदेशक अतुल तंतिया, द्वारिका प्रसाद, ममता बिनानी और प्रबंध निदेशक श्रीगोपाल तंतिया पर धोखाधड़ी, पैसे हड़पने, जालसाजी समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इंस्पेक्टर सतीश चंद्र साहू ने बताया कि केडीए से संबंधित मामले केदस्तावेज लिए गए हैं, जांच जारी है।
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केडीए के अधिशासी अभियंता राना प्रताप सिंह ने बताया कि सन 2015 में केडीए ने गार्डेन के टेंडर निकाले थे। इसमें जीपीटी इन्फ्राप्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को निर्माण कार्य मिला था। कंपनी का दफ्तर कोलकाता में है। प्रोजेक्ट का कुल बजट 70 करोड़ रुपये था। कंपनी को 11 करोड़ 95 लाख रुपये का भुगतान भी किया जा चुका था। मगर, निर्माण काम काफी धीमा चला। मौजूदा समय में गार्डेन का सिर्फ 20 फीसदी ही काम हो सका है। इस कारण अक्टूबर 2018 में केडीए वीसी किंजल सिंह ने काम पर रोक लगा दी थी।
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कंपनी ने एक करोड़ 34 लाख रुपये अर्नेस्ट मनी(टेंडर के समय गारंटी की रकम) और 3 करोड़ रुपये इलाहाबाद बैंक की गारंटी लगाई थी। जांच में पता चला कि कंपनी ने बैंक में केडीए के फर्जी दस्तावेज लगा पूरी रकम कैश करवा ली। अब केडीए ने कंपनी के तीन निदेशक अतुल तंतिया, द्वारिका प्रसाद, ममता बिनानी और प्रबंध निदेशक श्रीगोपाल तंतिया पर धोखाधड़ी, पैसे हड़पने, जालसाजी समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इंस्पेक्टर सतीश चंद्र साहू ने बताया कि केडीए से संबंधित मामले केदस्तावेज लिए गए हैं, जांच जारी है।
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