बीओबी एप फर्जीवाड़ा: पहले टारगेट और फिर दिया इंसेटिव, अब वापस लेने का आदेश, कर्मचारी संगठन ने जताया विरोध
Kanpur News: बैंक के द्वारा जारी पत्र में बताया गया की किए गए कुल एक्टिवेशन और सही एक्टिवेशन में अंतर पाया गया। 20 शाखाएं इसमें दी गई सीमा से बाहर हो गई। इन शाखाओं को अभियान में टारगेट पूरा करने के बाद प्रतिपूर्ति किए गए रुपये वापसी का आदेश किया गया है।
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कानपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा के एप बॉब वर्ल्ड से नए ग्राहकों को जोड़ने की आरबीआई की पाबंदी के बाद बैंक के मुख्य कार्यालय की ओर से सर्कुलर जारी कर अक्तूबर 2021 से दिसंबर 2022 के बीच टारगेट पूरा करने वाले कर्मचारियों को दिया गया इंसेटिव वापसी लेने का पत्र जारी किया है। इसका कर्मचारी संगठन ने विरोध भी जताया है।
दरअसल, टारगेट पूरा करने के चक्कर में बैंक कर्मचारियों ने फर्जी मोबाइल नंबर डालकर बैंक के गार्ड व अन्य लोगों को एप से जोड़ दिया था। बैंक के मुख्य महाप्रबंधक (एचआरएम) की ओर से 10 अक्तूबर को जारी पत्र में कहा गया है कि बैंक के द्वारा बॉब वर्ल्ड, अवर वर्ल्ड के नाम से अभियान शुरू किया गया था।
स्टॉफ को 2500 रुपये देने का प्रावधान किया गया था। इसके साथ ही दूसरा कैंपेन इनवाइट एंड अर्न के नाम से शुरू किया गया था। इसमें भी कैश बैक का प्रावधान था। बॉब वर्ल्ड कैंपेन में देश भर की 817 शाखाएं योग्य पाई गईं, जिनको बॉब वर्ल्ड एप एक्टिवेशन के दिए गए टारगेट पूरा करने पर 2500 रुपए देने का प्रावधान था।
ग्राहकों को कैश बैक का लाभ मिलना था
बैंक के द्वारा जारी पत्र में बताया गया की किए गए कुल एक्टिवेशन और सही एक्टिवेशन में अंतर पाया गया। 20 शाखाएं इसमें दी गई सीमा से बाहर हो गई। इन शाखाओं को अभियान में टारगेट पूरा करने के बाद प्रतिपूर्ति किए गए रुपये वापसी का आदेश किया गया है। बैंक के दूसरे अभियान में ग्राहकों को कैश बैक का लाभ मिलना था।
1067 स्टॉफ को 221540 रुपये की प्रतिपूर्ति की गई
उसके साथ ही इसका लाभ बैंक के 1067 स्टॉफ सदस्यों को हुआ, जिसमें 11 अक्तूबर 2021 से 14 दिसंबर 2022 के बीच तीन बार अभियान चलाया गया। इन 1067 स्टॉफ को 221540 रुपये की प्रतिपूर्ति की गई थी। इसे भी तुरंत वापस लेने का आदेश किया गया है। ऑल इंडिया वी बैंकर्स ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक प्रवीन बिस्वास ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों से अब दिए गए।
पैसा वापस लेने का निर्णय बिल्कुल ही गलत
रिवार्ड व प्रतिपूर्ति की वापसी संबंधी आदेश गलत है। यह सब कार्य बैंक प्रबंधन अपने एप को ज्यादा से ज्यादा एक्टिवेशन करवाने के लिए ही लाया गया था। किसी ने भी रुपये मांगा नहीं था। बैंक प्रबंधन खुद ही ये ऑफर लाया था, अब 2021 से 2022 का दिया गया पैसा वापस लेने का निर्णय बिल्कुल ही गलत है।