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Kanpur News: आसान और सटीक होंगी खून की बाॅयो केमिस्ट्री जांचें
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कानपुर। खून की बाॅयोकेमिस्ट्री की जांचें अब जल्दी और सटीक होंगी। केंद्र सरकार ने नए उपकरण हाई परफॉर्मेंस लिक्विड क्रोमेटोग्राफी (एचपीएलसी) को पेटेंट कर दिया है। इस उपकरण को 10 डॉक्टरों की टीम ने एक साल की मेहनत के बाद तैयार किया है। इस टीम में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाॅयो केमिस्ट्री विभाग के चार डॉक्टर शामिल हैं।
एचपीएलसी उपकरण तैयार करने वाली टीम में मेडिकल कॉलेज की बाॅयो केमिस्ट्री की प्रोफेसर डॉ. प्रभा वर्मा, डॉ. सुमन गौतम, डॉ. विमल कुमार और डॉ. प्रियम चौहान हैं। उन्होंने बताया कि एचपीएलसी का उपयोग रासायनिक पदार्थों को अलग करने, पहचानने और उनकी मात्रा मापने के लिए किया जाता है। इसका इस्तेमाल दवाओं के विश्लेषण, बाॅयोकेमिकल रिसर्च, ब्लड या पित्त में बाॅयोमार्कर की जांच, खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच, पर्यावरणीय प्रदूषकों के विश्लेषण में किया जाता है। इससे अत्यधिक सटीक, संवेदनशील और तेज विश्लेषण किया जा सकता है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने डॉक्टरों की टीम को बधाई दी है।
पांच खासियत
-उपकरण में उन्नत डिजाइन और बेहतर फ्लो-कंट्रोल प्रणाली
-सैंपल इंजेक्शन, उच्च-दाब पंप, क्रोमैटोग्राफिक कॉलम, डिटेक्टर का संयोजन
-ब्लड सैंपल का तेज स्कैन, तुरंत मिल जाती जांच रिपोर्ट
-हाइपरटेंशन की जांच, कार्डियो टेस्ट होते सटीक
-गुणवत्ता अच्छी होने से बनती प्रभावी डायग्नोसिस
दो पेटेंट में भी रहा सहयोग
इसके पहले दांतों के ढांचे की तकनीक और दवा के सॉल्युशन तैयार करने वाली टीम में डॉ. प्रभा वर्मा शामिल रही हैं। ये दोनों शोध भी पेटेंट हुए हैं। डॉ. वर्मा ने बताया कि दवा का सॉल्युशन त्वचा संक्रमण के इलाज के लिए तैयार किया गया था।
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एचपीएलसी उपकरण तैयार करने वाली टीम में मेडिकल कॉलेज की बाॅयो केमिस्ट्री की प्रोफेसर डॉ. प्रभा वर्मा, डॉ. सुमन गौतम, डॉ. विमल कुमार और डॉ. प्रियम चौहान हैं। उन्होंने बताया कि एचपीएलसी का उपयोग रासायनिक पदार्थों को अलग करने, पहचानने और उनकी मात्रा मापने के लिए किया जाता है। इसका इस्तेमाल दवाओं के विश्लेषण, बाॅयोकेमिकल रिसर्च, ब्लड या पित्त में बाॅयोमार्कर की जांच, खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच, पर्यावरणीय प्रदूषकों के विश्लेषण में किया जाता है। इससे अत्यधिक सटीक, संवेदनशील और तेज विश्लेषण किया जा सकता है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने डॉक्टरों की टीम को बधाई दी है।
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पांच खासियत
-उपकरण में उन्नत डिजाइन और बेहतर फ्लो-कंट्रोल प्रणाली
-सैंपल इंजेक्शन, उच्च-दाब पंप, क्रोमैटोग्राफिक कॉलम, डिटेक्टर का संयोजन
-ब्लड सैंपल का तेज स्कैन, तुरंत मिल जाती जांच रिपोर्ट
-हाइपरटेंशन की जांच, कार्डियो टेस्ट होते सटीक
-गुणवत्ता अच्छी होने से बनती प्रभावी डायग्नोसिस
दो पेटेंट में भी रहा सहयोग
इसके पहले दांतों के ढांचे की तकनीक और दवा के सॉल्युशन तैयार करने वाली टीम में डॉ. प्रभा वर्मा शामिल रही हैं। ये दोनों शोध भी पेटेंट हुए हैं। डॉ. वर्मा ने बताया कि दवा का सॉल्युशन त्वचा संक्रमण के इलाज के लिए तैयार किया गया था।
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