{"_id":"60aff5f18ebc3ebb26520197","slug":"black-fungus-patient-corona-positive-three-days-later","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ब्लैक फंगस रोगी तीन दिन बाद कोरोना पॉजिटिव, हैलट अस्पताल में भर्ती 27 में 11 को कोरोना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्लैक फंगस रोगी तीन दिन बाद कोरोना पॉजिटिव, हैलट अस्पताल में भर्ती 27 में 11 को कोरोना
Fri, 28 May 2021 01:28 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 28 May 2021 01:28 AM IST
सार
कोरोना महामारी के बीच फैले ब्लैक फंगस वायरस के अजीबोगरीब केस मिलने से डॉक्टर भी हैरान है। कानपुर हैलट में भर्ती ब्लैक फंगस के एक मरीज की रिपोर्ट तीन दिन बाद कोरोना पॉजिटिव आई है।
विज्ञापन
हैलट अस्पताल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर हैलट में तीन दिन पहले भर्ती हुए किदवईनगर के रहने वाले ब्लैक फंगस के बुजुर्ग रोगी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। जब वे अस्पताल आए थे तो आरटीपीसीआर जांच निगेटिव आई थी। गुुरुवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर डॉक्टर भी हैरान हैं।
इसके अलावा एक और ब्लैक फंगस का रोगी हैलट में भर्ती हुआ है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि अस्पताल में ब्लैक फंगस के 27 रोगी हो गए हैं। इनमें 11 कोविड पॉजिटिव हैं।
रोगियों को ब्लैक फंगस की दवा के इंजेक्शन लगाए गए। पैथोलॉजी विभाग में 19 रोगियों के सैंपल बायोप्सी जांच के लिए भेजे गए हैं। मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि सैंपल जांच में लगे हैं। शुक्रवार को 10 सैंपल की रिपोर्ट जारी कर दी जाएगी।
विज्ञापन
ब्लैक फंगस के इंजेक्शन के 25 वायल्स आए
ब्लैक फंगस के रोगियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर शासन ने 25 वायल्स और उपलब्ध करा दिए हैं। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा ने बताया कि दवा रेड क्रास सोसाइटी को दे दी गई है। वहां से दवा वितरित करा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर जरूरत पड़ेगी और दवा उपलब्ध हो जाएगी।
विज्ञापन
इसके अलावा एक और ब्लैक फंगस का रोगी हैलट में भर्ती हुआ है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि अस्पताल में ब्लैक फंगस के 27 रोगी हो गए हैं। इनमें 11 कोविड पॉजिटिव हैं।
विज्ञापन
रोगियों को ब्लैक फंगस की दवा के इंजेक्शन लगाए गए। पैथोलॉजी विभाग में 19 रोगियों के सैंपल बायोप्सी जांच के लिए भेजे गए हैं। मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि सैंपल जांच में लगे हैं। शुक्रवार को 10 सैंपल की रिपोर्ट जारी कर दी जाएगी।
विज्ञापन
ब्लैक फंगस के इंजेक्शन के 25 वायल्स आए
ब्लैक फंगस के रोगियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर शासन ने 25 वायल्स और उपलब्ध करा दिए हैं। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा ने बताया कि दवा रेड क्रास सोसाइटी को दे दी गई है। वहां से दवा वितरित करा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अगर जरूरत पड़ेगी और दवा उपलब्ध हो जाएगी।
ब्लैक फंगस की दवा के सौ वायल्स उपलब्ध
हैलट और निजी क्षेत्र के अस्पतालों में ब्लैक फंगस के रोगियों का इलाज करने के लिए एम्फोटेरेसिन दवा के कुल सौ वायल्स उपलब्ध हैं। इनमें आधे निजी क्षेत्र के लिए और आधे हैलट के पास हैं। गुरुवार सुबह हैलट में दवा खत्म हो गई थी।
हैलट की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति सक्सेना ने बताया कि शासन ने 50 वायल्स आवंटित कर दिए थे, जिन्हें वाहन भेजकर लखनऊ से मंगा लिया गया। निजी क्षेत्र के अस्पतालों में जहां ब्लैक फंगस के रोगियों का इलाज किया जा रहा है। वहां रेड क्रास सोसाइटी के माध्यम से एम्फोटेरेसिन उपलब्ध कराई जा रही है।
इस संबंध में शासन की गाइडलाइन पहले जारी हो चुकी है। सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. उमेश पालीवाल ने बताया कि 25 वायल्स पहले आए थे और 25 गुरुवार को मिल गए हैं। इन्हें अस्पतालों को उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिस अस्पताल में जितने रोगी भर्ती हैं, उसी के हिसाब से दवा उपलब्ध करा दी जाती है।
हैलट और निजी क्षेत्र के अस्पतालों में ब्लैक फंगस के रोगियों का इलाज करने के लिए एम्फोटेरेसिन दवा के कुल सौ वायल्स उपलब्ध हैं। इनमें आधे निजी क्षेत्र के लिए और आधे हैलट के पास हैं। गुरुवार सुबह हैलट में दवा खत्म हो गई थी।
हैलट की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति सक्सेना ने बताया कि शासन ने 50 वायल्स आवंटित कर दिए थे, जिन्हें वाहन भेजकर लखनऊ से मंगा लिया गया। निजी क्षेत्र के अस्पतालों में जहां ब्लैक फंगस के रोगियों का इलाज किया जा रहा है। वहां रेड क्रास सोसाइटी के माध्यम से एम्फोटेरेसिन उपलब्ध कराई जा रही है।
इस संबंध में शासन की गाइडलाइन पहले जारी हो चुकी है। सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. उमेश पालीवाल ने बताया कि 25 वायल्स पहले आए थे और 25 गुरुवार को मिल गए हैं। इन्हें अस्पतालों को उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिस अस्पताल में जितने रोगी भर्ती हैं, उसी के हिसाब से दवा उपलब्ध करा दी जाती है।