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यूपी की 12 सीटों पर भाजपा की प्रचंड जीत के पीछे इनकी थी सबसे अहम भूमिका, एक-एक वोट पर ऐसे थी पकड़
Sat, 25 May 2019 04:18 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 25 May 2019 04:18 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : पीटीआई
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भाजपा की जीत में संगठन की रणनीति ने सभी पार्टियों को चकमा दे दिया। लंबे समय से पार्टी की रीढ़ कही जाने वाले 33 हजार से अधिक पन्ना प्रमुखों ने इस बार फिर से कमाल दिखाया। लोकसभा चुनाव की घोषणा के पहले से ही पार्टी ने बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुखों की टीम तैयार कर दी थी।
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इसी वजह से भाजपा लोकसभा क्षेत्र के हर घर तक अपनी पहुंच बना सकी। वे शांतिपूर्ण तरीके से वोट बैंक में इजाफा करते रहे। इसका नतीजा सामने है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी की अप्रत्याशित जीत के बाद अपने पहले संबोधन में पन्ना प्रमुखों की भूमिका को सराहा है।
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जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि पन्ना प्रमुख भाजपा की रीढ़ हैं
नरेंद्र मोदी, अमित शाह (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
पन्ना प्रमुख भाजपा के सबसे निचले पायदान के सबसे प्रमुख कार्यकर्ता माने जाते हैं। बूथ स्तर पर इनकी नियुक्ति की जाती है। बूथ अध्यक्षों के निर्देशन में पन्ना प्रमुख कार्य करते हैं, लेकिन पार्टी स्तर पर चुनाव के समय इनकी भूमिका विशेष हो जाती है। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि पन्ना प्रमुख भाजपा की रीढ़ हैं।
एक बूथ पर 21 पन्ना प्रमुख तैनात
भाजपा की रणनीति के हिसाब से एक बूथ पर 21 पन्ना प्रमुख की नियुक्ति की जाती है। इस तरह महानगर लोकसभा की बात करें तो यहां 1600 बूथ पर 33,600 पन्ना प्रमुखों ने गली-गली के हर घर-परिवार तक अपनी पहुंच बनाई।
एक बूथ पर 21 पन्ना प्रमुख तैनात
भाजपा की रणनीति के हिसाब से एक बूथ पर 21 पन्ना प्रमुख की नियुक्ति की जाती है। इस तरह महानगर लोकसभा की बात करें तो यहां 1600 बूथ पर 33,600 पन्ना प्रमुखों ने गली-गली के हर घर-परिवार तक अपनी पहुंच बनाई।
उन बीस मतदाताओं से जुड़े पूरे परिवार की जिम्मेदारी उस क्षेत्र के पन्ना प्रमुख की होती
नरेंद्र मोदी-अमित शाह (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
ऐसे काम करते हैं पन्ना प्रमुख
एक बूथ के क्षेत्र में जितने घर होते हैं, पन्ना प्रमुखों में घर के हिसाब से जिम्मेदारी बांट दी जाती है। जैसे वोटर लिस्ट के एक पन्ने में एक से लेकर बीस मतदाताओं के नाम हैं। उन बीस मतदाताओं से जुड़े पूरे परिवार की जिम्मेदारी उस क्षेत्र के पन्ना प्रमुख की होती है।
क्योंकि वोटर लिस्ट का एक पन्ना उसके नाम होता है, इसलिए उसे पन्ना प्रमुख कहते हैं। प्रत्येक पन्ना प्रमुख का काम होता है, उसके हिस्से में आने वाले सभी मतदाताओं के परिवारों से बार-बार मुलाकात करना, पार्टी की नीतियों से अवगत कराना। उन्हें वोटिंग के दौरान बूथ तक ले आना, वोट डलवाकर वापस घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है।
एक बूथ के क्षेत्र में जितने घर होते हैं, पन्ना प्रमुखों में घर के हिसाब से जिम्मेदारी बांट दी जाती है। जैसे वोटर लिस्ट के एक पन्ने में एक से लेकर बीस मतदाताओं के नाम हैं। उन बीस मतदाताओं से जुड़े पूरे परिवार की जिम्मेदारी उस क्षेत्र के पन्ना प्रमुख की होती है।
क्योंकि वोटर लिस्ट का एक पन्ना उसके नाम होता है, इसलिए उसे पन्ना प्रमुख कहते हैं। प्रत्येक पन्ना प्रमुख का काम होता है, उसके हिस्से में आने वाले सभी मतदाताओं के परिवारों से बार-बार मुलाकात करना, पार्टी की नीतियों से अवगत कराना। उन्हें वोटिंग के दौरान बूथ तक ले आना, वोट डलवाकर वापस घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है।