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भाजपा के ही उप नेता सदन ने महापौर कानपुर के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा..नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर
Fri, 26 Jul 2019 08:15 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 26 Jul 2019 08:15 PM IST
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महापौर कानपुर प्रमिला पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के कानपुर में सत्तारूढ़ पार्टी के नगर निगम में उप नेता सदन महेंद्र शुक्ला दद्दा ने महापौर प्रमिला पांडेय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को उन्होंने महापौर को पत्र लिखकर उनके नाम पर दो प्रतिशत कमीशन लिए जाने का आरोप लगाया।
पत्र सोशल मीडिया में भी वायरल हो गया। इसे लेकर पार्षदों में भी गुटबाजी शुरू हो गई है। उधर, महापौर ने भाजपा के कुछ पार्षदों के साथ बैठक कर एकजुटता पर जोर दिया। महेंद्र शुक्ला ने महापौर पर दल के पार्षदों की उपेक्षा करने और अन्य दलों के पार्षदों के पत्रों पर तुरंत साइन करने का आरोप लगाया है।
यह भी कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है। फाइलें महीनों दबी रहती हैं। महापौर को बदनाम करने के लिए अधिकारी कमीशन लेने का आरोप लगा रहे हैं, उन्हें भी दंडित करवाने का आग्रह किया गया। महापौर के बेटे और भाजपा के कई पार्षदों पर भी टिप्पणी की।
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महेंद्र ने खुद पर लगे आरोपों की फाइलों की जांच किसी अन्य एजेंसी से कराने, उन्हें उप नेता सदन पद से हटाने का भी आग्रह किया है। सदन की बैठक भी बुलाने की मांग की, जिसमें पार्षद अपनी बात रख सकें। उधर, महापौर प्रमिला पांडेय ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। साथ ही उप नेता सदन के पत्र पर टिप्पणी करने, पार्टी पार्षदों की बैठक बुलाने से इनकार कर दिया।
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पत्र सोशल मीडिया में भी वायरल हो गया। इसे लेकर पार्षदों में भी गुटबाजी शुरू हो गई है। उधर, महापौर ने भाजपा के कुछ पार्षदों के साथ बैठक कर एकजुटता पर जोर दिया। महेंद्र शुक्ला ने महापौर पर दल के पार्षदों की उपेक्षा करने और अन्य दलों के पार्षदों के पत्रों पर तुरंत साइन करने का आरोप लगाया है।
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यह भी कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है। फाइलें महीनों दबी रहती हैं। महापौर को बदनाम करने के लिए अधिकारी कमीशन लेने का आरोप लगा रहे हैं, उन्हें भी दंडित करवाने का आग्रह किया गया। महापौर के बेटे और भाजपा के कई पार्षदों पर भी टिप्पणी की।
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महेंद्र ने खुद पर लगे आरोपों की फाइलों की जांच किसी अन्य एजेंसी से कराने, उन्हें उप नेता सदन पद से हटाने का भी आग्रह किया है। सदन की बैठक भी बुलाने की मांग की, जिसमें पार्षद अपनी बात रख सकें। उधर, महापौर प्रमिला पांडेय ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। साथ ही उप नेता सदन के पत्र पर टिप्पणी करने, पार्टी पार्षदों की बैठक बुलाने से इनकार कर दिया।