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...जोशी को काैन सुनाए फरमान?
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Wed, 11 Mar 2015 02:47 AM IST
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भाजपा की क्षेत्रीय बैठक में सांसदों और विधायकों को भी 31 मार्च तक सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया गया है। नहीं बनाने वालों की जवाबदेही भी पार्टी ने तय की है।
सोमवार को महानगर कार्यालय में हुई आठ जनपदों की बैठक में जब यह बात सामने आई तो आपस में चर्चा होने लगी कि आखिर सांसद मुरली मनोहर जोशी को इस टारगेट का फरमान सुनाएगा कौन। इस पर सभी ने चुप्पी साध ली। बैठक में तय हुआ कि सांसदों को 25 हजार और विधायकों को पांच-पांच हजार सदस्य बनाने हैं।
इसी तरह पूर्व सांसदों और विधायकों के साथ पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। क्षेत्रीय अध्यक्ष बालचंद्र मिश्र और क्षेत्रीय महामंत्री संगठन ओमप्रकाश श्रीवास्तव जब यह घोषणा कर रहे थे, तो आठ जनपदों से आए पदाधिकारी उनका मुंह ताक रहे थे।
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सभी ने सदस्य बढ़ाने की इस प्रक्रिया को अच्छा बताया और पार्टी को मजबूत करने पर जोर दिया। लेकिन एक बात किसी के गले नहीं उतर रही थी कि क्षेत्रीय अध्यक्ष और महामंत्री संगठन इस काम के लिए बाकी लोगों को तो तलब कर सकते हैं, लेकिन मुरली मनोहर जोशी से कैसे कहेंगे।
दरअसल डॉ. जोशी के अलग मिजाज की वजह से जिला और क्षेत्रीय पदाधिकारी उनसे किसी बात के लिए अनुरोध तो कर सकते हैं, लेकिन फरमान सुनाना उनके बस में नहीं दिखता।
ऐसा आपस में हो रही चर्चा में भी सुना गया। एक बात और इतने सदस्य बनाने के लिए समय सिर्फ 20 दिन (31 मार्च तक) दिए गए हैं। बैठक में महानगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी, कमलावती सिंह, नीलिमा कटियार, महामंत्री सुरेश अवस्थी, मोहित पांडेय आिद मौजूद रहे।
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सोमवार को महानगर कार्यालय में हुई आठ जनपदों की बैठक में जब यह बात सामने आई तो आपस में चर्चा होने लगी कि आखिर सांसद मुरली मनोहर जोशी को इस टारगेट का फरमान सुनाएगा कौन। इस पर सभी ने चुप्पी साध ली। बैठक में तय हुआ कि सांसदों को 25 हजार और विधायकों को पांच-पांच हजार सदस्य बनाने हैं।
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इसी तरह पूर्व सांसदों और विधायकों के साथ पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। क्षेत्रीय अध्यक्ष बालचंद्र मिश्र और क्षेत्रीय महामंत्री संगठन ओमप्रकाश श्रीवास्तव जब यह घोषणा कर रहे थे, तो आठ जनपदों से आए पदाधिकारी उनका मुंह ताक रहे थे।
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सभी ने सदस्य बढ़ाने की इस प्रक्रिया को अच्छा बताया और पार्टी को मजबूत करने पर जोर दिया। लेकिन एक बात किसी के गले नहीं उतर रही थी कि क्षेत्रीय अध्यक्ष और महामंत्री संगठन इस काम के लिए बाकी लोगों को तो तलब कर सकते हैं, लेकिन मुरली मनोहर जोशी से कैसे कहेंगे।
दरअसल डॉ. जोशी के अलग मिजाज की वजह से जिला और क्षेत्रीय पदाधिकारी उनसे किसी बात के लिए अनुरोध तो कर सकते हैं, लेकिन फरमान सुनाना उनके बस में नहीं दिखता।
ऐसा आपस में हो रही चर्चा में भी सुना गया। एक बात और इतने सदस्य बनाने के लिए समय सिर्फ 20 दिन (31 मार्च तक) दिए गए हैं। बैठक में महानगर अध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी, कमलावती सिंह, नीलिमा कटियार, महामंत्री सुरेश अवस्थी, मोहित पांडेय आिद मौजूद रहे।