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बिकरू कांड: दबिश में बिल्हौर और ककवन थाने का फोर्स नहीं गया था
Tue, 09 Jul 2024 10:14 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Tue, 09 Jul 2024 10:14 PM IST
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कानपुर देहात। बिकरू कांड मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। मंगलवार को मामले में अभियोजन पक्ष के तीसरे गवाह ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए। वहीं पांच आरोपियों की ओर से बचाव पक्ष ने गवाह से जिरह की। गवाह ने बचाव पक्ष की जिरह में बताया कि बिकरू गांव बिल्हौर सर्किल में आता है, लेकिन दबिश में बिल्हौर और ककवन थाने का फोर्स नहीं गया था। अब अदालत ने बचाव पक्ष की शेष जिरह के लिए 10 जुलाई की तिथि नियत की है।
चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे गैंग ने फायरिंग कर दी थी। घटना में आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। मंगलवार को मामले में अभियोजन पक्ष के तीसरे गवाह दरोगा सुधाकर पांडेय के अदालत में बयान दर्ज किए गए। वहीं मामले में पांच आरोपियों संजय उर्फ संजू दुबे, क्षमा दुबे, बालगोविंद, शिवम दुबे उर्फ अजीत व विपुल दुबे की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने गवाह से जिरह की। बचाव पक्ष के सवाल पर गवाह ने बताया कि बिकरू गांव बिल्हौर सर्किल में आता है लेकिन दबिश में बिल्हौर व ककवन थाने का फोर्स नहीं गया था। वहीं गवाह ने यह भी बताया कि अचानक हुई फायरिंग के दौरान हम पुलिस वाले कोई पोजीशन नहीं ले पाए थे। वहीं इस बात को गवाह ने स्वीकार किया कि अगर बाथरूम व ट्रैक्टर- ट्राली के पास आड़ न ली होती तो मैं भी मारा जाता। गवाह ने यह भी स्वीकार किया कि मामले में आरोपी संजू दुबे व क्षमा दुबे की कोई शिनाख्त कार्यवाही मुझसे नहीं करवाई गई थी।
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चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे गैंग ने फायरिंग कर दी थी। घटना में आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। मंगलवार को मामले में अभियोजन पक्ष के तीसरे गवाह दरोगा सुधाकर पांडेय के अदालत में बयान दर्ज किए गए। वहीं मामले में पांच आरोपियों संजय उर्फ संजू दुबे, क्षमा दुबे, बालगोविंद, शिवम दुबे उर्फ अजीत व विपुल दुबे की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने गवाह से जिरह की। बचाव पक्ष के सवाल पर गवाह ने बताया कि बिकरू गांव बिल्हौर सर्किल में आता है लेकिन दबिश में बिल्हौर व ककवन थाने का फोर्स नहीं गया था। वहीं गवाह ने यह भी बताया कि अचानक हुई फायरिंग के दौरान हम पुलिस वाले कोई पोजीशन नहीं ले पाए थे। वहीं इस बात को गवाह ने स्वीकार किया कि अगर बाथरूम व ट्रैक्टर- ट्राली के पास आड़ न ली होती तो मैं भी मारा जाता। गवाह ने यह भी स्वीकार किया कि मामले में आरोपी संजू दुबे व क्षमा दुबे की कोई शिनाख्त कार्यवाही मुझसे नहीं करवाई गई थी।
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