{"_id":"62e498069631a52a6c4a65cc","slug":"bikru-case-properties-registered-in-the-name-of-family-members-of-jai-bajpai-will-be-confiscated","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बिकरू कांड: विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई के परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज संपत्तियां हाेंगी जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिकरू कांड: विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई के परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज संपत्तियां हाेंगी जब्त
Sat, 30 Jul 2022 08:02 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 30 Jul 2022 08:02 AM IST
सार
जयकांत ने अपनी पत्नी श्वेता दुबे, भाइयों रजयकांत, अभयकांत, शोभित, अजयकांत और भाभी प्रभा के नाम दर्ज संपत्तियों को अपराध की दुनिया से कमाए धन से खड़ा किया। परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज ऐसी 13 संपत्तियां जांच के दायरे में आई हैं।
विज्ञापन
खजांची जयकांत बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिकरू कांड के मुख्य अभियुक्त रहे विकास दुबे के खजांची जयकांत बाजपेई की कई नई संपत्तियों की तलाश शुरू हो गई है। एसडीएम सदर अनुराज जैन ने इस संबंध में सचिव कानपुर विकास प्राधिकरण, अपर नगर आयुक्त, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी और सहायक महानिरीक्षक स्टांप को संपत्तियों के मालिक, खरीदने-बेचने, खरीदे जाने की तारीखी, वर्तमान मूल्य और वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि जयकांत ने अपनी पत्नी श्वेता दुबे, भाइयों रजयकांत, अभयकांत, शोभित, अजयकांत और भाभी प्रभा के नाम दर्ज संपत्तियों को अपराध की दुनिया से कमाए धन से खड़ा किया। परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज ऐसी 13 संपत्तियां जांच के दायरे में आई हैं।
विज्ञापन
जांच अधिकारियों का मानना है कि जयकांत ने अपनी पत्नी श्वेता दुबे, भाइयों रजयकांत, अभयकांत, शोभित, अजयकांत और भाभी प्रभा के नाम दर्ज संपत्तियों को अपराध की दुनिया से कमाए धन से खड़ा किया। परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज ऐसी 13 संपत्तियां जांच के दायरे में आई हैं।
विज्ञापन
इनकी सूची भी विभागों को भेजी गई है ताकि उनकी वर्तमान कीमत के साथ वर्तमान मालिक और उसे बेचने वालों की जानकारी जुटाई जा सके। इस जानकारी के बाद संपत्तियों को जब्त करने की कवायद शुरू की जाएगी। चूंकि अब तक की जांच से यह साफ हो चुका है कि जयकांत और उसके परिवार के सदस्यों के पास आय का कोई भी इतना बड़ा कानूनी साधन नहीं था जिससे उसने करोड़ों रुपये की संपत्ति खरीद सके। ऐसे में यह तय है कि इन संपत्तियों को जब्त ही किया जाएगा।