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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Bikeru case: Khushi Dubey who was in jail for 30 months, got conditional bail from the Supreme Court

बिकरू कांड: 30 महीने से जेल में बंद खुशी दुबे को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिली, जानिए कब होगी रिहाई

Wed, 04 Jan 2023 07:37 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 04 Jan 2023 07:37 PM IST
सार

बिकरू कांड में बड़ा अपडेट आया है। आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को करीब 30 महीने बाद सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। हत्या, साजिश समेत 17 मामलों में खुशी को आरोपी बनाया गया था।

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Bikeru case: Khushi Dubey who was in jail for 30 months, got conditional bail from the Supreme Court
खुशी दुबे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिकरू कांड में आरोपी बनाई गई अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को करीब 30 महीने बाद सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई। न्यायिक व कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद खुशी की जेल से रिहाई होगी। इसमें एक से दो सप्ताह का समय लग सकता है। कोर्ट के आदेशानुसार खुशी को हर सप्ताह थाने में हाजिरी लगानी होगी।

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चौबेपुर के बिकरू गांव निवासी विकास दुबे पर दो जुलाई 2020 की शाम लूट व हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था। उसी रात पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए बिकरू गांव में दबिश दी थी। पहले से घात लगाए बैठे विकास दुबे व उसके गुर्गों ने हमला कर सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। पुलिस ने विकास दुबे व अमर दुबे समेत छह बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया था।
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44 आरोपी जेल भेजे गए थे। इसमें अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे भी शामिल है। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित व विवेक तनखा के मुताबिक बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में खुशी की जमानत पर करीब आधे घंटे की बहस हुई। इसके बाद कोर्ट ने खुशी को जमानत दे दी।

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तब नाबालिग थी खुशी 
वारदात के बाद पुलिस ने खुशी को हिरासत में लिया था। चार दिन पूछताछ के बाद जेल भेजा था। खुशी के वकील ने कोर्ट में दस्तावेजों के आधार पर दावा किया था कि खुशी नाबालिग है। कोर्ट ने इस संबंध में सुनवाई कर इस दावे पर मुहर लगाई थी। इसलिए कुछ दिनों तक उसे संवासिनी गृह में रखा गया था। बाद में जेल में शिफ्ट किया गया था।

बिकरू कांड में तीसरी जमानत, जेल से कोई रिहा नहीं हुआ
बिकरू कांड में 44 आरोपी जेल गए हैं। कुछ समय पहले हाईकोर्ट ने सुशील तिवारी को जमानत दी थी। चूंकि पुलिस ने उस पर एनएसए की कार्रवाई की थी। इसलिए वह जेल से रिहा नहीं हो सका। 22 दिसंबर को आरोपी अभिनव तिवारी की हाईकोर्ट ने जमानत मंजूर की थी, लेकिन वह भी जेल से बाहर नहीं आ पाया है। सत्यापन आदि की कार्रवाई बाकी है। अब खुशी को जमानत मिली है।

ये पुलिसकर्मी हुए थे शहीद
तत्कालीन बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा, तत्कालीन एसओ शिवराजपुर महेश यादव, दरोगा अनूप कुमार सिंह, दरोगा नेबू लाल, सिपाही जितेंद्र पाल, सिपाही सुलतान सिंह, सिपाही राहुल कुमार व बबलू कुमार।

ये बदमाश एनकाउंटर में मारे गए 
विकास दुबे, अमर दुबे, प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय, प्रेम कुमार पांडेय, अतुल दुबे व प्रवीण दुबे।

मेरी बेटी बेकसूर थी, उसे न्याय मिला
बेटी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर मां गायत्री तिवारी ने खुशी जाहिर की है। बुधवार को उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। बेटी को देर से ही सही न्याय मिला है। एक न एक दिन अदालत खुशी को मामलों में दोषमुक्त भी करेगी। उन्होंने अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित का आभार व्यक्त किया। वह बुधवार को किशोर बोर्ड में सुनवाई के दौरान पहुंची थीं। कहा कि पुलिस ने अमर दुबे की पत्नी होने के कारण खुशी को फंसा दिया और मामले में जेल भेज दिया था। जबकि उसके द्वारा कोई अपराध नहीं किया गया था। विकास दुबे के दबाव में ही बेटी की शादी हुई थी, जबकि हम लोग राजी भी नहीं थे। अमर दुबे से दो बार ही मुलाकात हुई थी। ढाई वर्ष जेल में काटने के दौरान खुशी ने बहुत यातनाएं झेली हैं। समय कैसा गुजरा है वह हम ही समझ सकते हैं। 

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