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कानपुर: पुलिस लाइन में बड़ा फर्जीवाड़ा, पैसा देकर अपनी जगह बाहरी लोगों से नौकरी करवा रहे थे 11 फॉलोवर

Wed, 09 Dec 2020 09:57 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 09 Dec 2020 09:57 AM IST
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Big fraud in police line in kanpur
यूपी पुलिस
कानपुर में पुलिस लाइन में तैनात 11 फॉलोवरों ने बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। अपनी जगह पर बाहरी लोगों से काम करवाते रहे और खुद वेतन उठाते रहे। इसके बदले ये लोग बाहरी व्यक्ति को पांच से सात हजार रुपये महीना देते थे।
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यह सारा खेल फॉलोवर मुंशी की मिलीभगत से चल रहा था। सीओ लाइन की जांच में खुलासा होने के बाद सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। साथ ही मुंशी को हटाकर पनकी थाने भेजा गया है। पुलिस विभाग में अफसरों के दफ्तर और घरों पर फॉलोवरों की तैनाती की जाती है।
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पुलिस लाइन में भी इनकी ड्यूटी लगती है। खाना बनाना, साफ सफाई समेत रोजमर्रा के सारे काम यही देखते हैं। पुलिस लाइन में तैनात 11 फॉलोवरों ने अपनी-अपनी जगह पर एक-एक बाहरी शख्स को नौकरी पर रख लिया और अपनी काम इन्हीं से कराते रहे।
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खुद कोई ठेकेदारी करता रहा तो कोई आराम फरमाता रहा। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मामले में सीओ लाइन ने जांच की, जिसमें ये सभी दोषी पाए गए हैं। सभी पर विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की गई है। साथ ही सभी को चेतावनी भी दी गई है कि भविष्य में ऐसी गलती हुई तो बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकती है।

इन पर हुई कार्रवाई, मुंशी था बड़ा खिलाड़ी 
एसपी ने बताया कि सुनील तिवारी, शिव प्रकाश तिवारी, आशीष कुमार सिंह, अशोक कुमार, अनुपम कठेरिया, अमर सिंह, लिकधर प्रसाद, अनूप कुमार, संतोष त्रिपाठी, बबिता और रूबी खातून पर कार्रवाई की गई। पूरे खेल में फॉलोवर मुंशी दीपक बड़ा खिलाड़ी है। उसी की मिलीभगत से पूरा फर्जीवाड़ा हो रहा था। उसे भी मोटी रकम पहुंचती थी। 

ट्विटर पर हुई थी जांच 
एसपी पश्चिम ने बताया कि कुछ समय पहले ट्विटर पर एक शिकायत की गई थी कि कुछ फॉलोवर अपनी जगह पर किसी और से काम करवाते हैं। शिकायत को संज्ञान में लेकर तत्कालीन सीओ कैंट/सीओ लाइन सत्यजीत गुप्ता को मामले की जांच सौंपी गई थी। जांच में शिकायत सही पाई गई।

सिपाही पर अभी भी मेहरबानी
बैरक गिरने से एक सिपाही के मौत के मामले में शासन तक शहर पुलिस के अधिकारियों से जवाब मांग चुका है। मगर पुलिस अफसर एक सिपाही को बचाने में कसर नहीं छोड़ रहे। मरम्मत मुंशी नीरज गुप्ता को दबाव के बाद पद से तो हटा दिया लेकिन वह अभी भी पुलिस लाइन में तैनात है। जबकि पुलिस लाइन में उसकी तैनाती की समय सीमा पूरी हो चुकी है।
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