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एक्सक्लूसिव: पारिवारिक लाभ योजना के नए आवेदनों में भी बड़ा फर्जीवाड़ा, जांच में 500 से अधिक आवेदन फर्जी मिले
Wed, 28 Jul 2021 04:58 PM IST
शिखा पांडेय
रजत यादव, कानपुर
रजत यादव, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 28 Jul 2021 04:58 PM IST
सार
ब्लॉक स्तर से आवेदन पत्रों की जांच कर फाइनल आवेदन समाज कल्याण कार्यालय पहुंचे तो समाज कल्याण अधिकारी ने अपने स्तर से दोबारा सत्यापन कराने का निर्णय लिया। उन्होंने कार्यालय के अधीक्षकों और एडीओ पंचायतों को लगाकर सत्यापन कराया तो पांच सौ से छह सौ आवेदन फर्जी मिले।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर में समाज कल्याण विभाग की पारिवारिक लाभ योजना के नए आवेदनों में भी फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। इस साल आए 2700 आवेदनों की जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. प्रज्ञा पांडेय ने दोबारा जांच कराई तो फर्जीवाड़े की झड़ी लग गई।
सबसे ज्यादा गड़बड़ी घाटमपुर, पतारा और सरसौल ब्लॉक में सामने आई है। सत्यापन में लगे कर्मचारियों ने सरकारी नौकरी से रिटायर और 70 वर्ष की उम्र में मरने वालों का नाम पात्रता सूची में शामिल कर दिया। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित पारिवारिक लाभ योजना में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के मुखिया की मृत्यु पर परिजनों को एकमुश्त 30 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है।
इसके लिए मृतक की उम्र 18 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह सरकारी नौकरी में न रहा हो। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक के कर्मचारियों को लगाकर फार्मों का सत्यापन कराया जाता है। इसके बाद पात्रों के नाम कार्यालय भेजे जाते हैं। यहां सत्यापन अधिकारियों ने सरकारी नौकरी से रिटायर और 60 वर्ष से अधिक उम्र के मरने वालों के नाम भी पात्रता सूची में शामिल कर दिए हैं।
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ब्लॉक स्तर से आवेदन पत्रों की जांच कर फाइनल आवेदन समाज कल्याण कार्यालय पहुंचे तो समाज कल्याण अधिकारी ने अपने स्तर से दोबारा सत्यापन कराने का निर्णय लिया। उन्होंने कार्यालय के अधीक्षकों और एडीओ पंचायतों को लगाकर सत्यापन कराया तो पांच सौ से छह सौ आवेदन फर्जी मिले। इस संख्या में अभी और इजाफा हो सकता है।
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सबसे ज्यादा गड़बड़ी घाटमपुर, पतारा और सरसौल ब्लॉक में सामने आई है। सत्यापन में लगे कर्मचारियों ने सरकारी नौकरी से रिटायर और 70 वर्ष की उम्र में मरने वालों का नाम पात्रता सूची में शामिल कर दिया। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित पारिवारिक लाभ योजना में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के मुखिया की मृत्यु पर परिजनों को एकमुश्त 30 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है।
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इसके लिए मृतक की उम्र 18 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह सरकारी नौकरी में न रहा हो। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक के कर्मचारियों को लगाकर फार्मों का सत्यापन कराया जाता है। इसके बाद पात्रों के नाम कार्यालय भेजे जाते हैं। यहां सत्यापन अधिकारियों ने सरकारी नौकरी से रिटायर और 60 वर्ष से अधिक उम्र के मरने वालों के नाम भी पात्रता सूची में शामिल कर दिए हैं।
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ब्लॉक स्तर से आवेदन पत्रों की जांच कर फाइनल आवेदन समाज कल्याण कार्यालय पहुंचे तो समाज कल्याण अधिकारी ने अपने स्तर से दोबारा सत्यापन कराने का निर्णय लिया। उन्होंने कार्यालय के अधीक्षकों और एडीओ पंचायतों को लगाकर सत्यापन कराया तो पांच सौ से छह सौ आवेदन फर्जी मिले। इस संख्या में अभी और इजाफा हो सकता है।
केस-1
घाटमपुर ब्लॉक के ग्राम मैंधरी की रहने वाली कमला देवी ने अपने पति सत्यनारायण पुजारी की मृत्यु होने पर पारिवारिक लाभ के लिए आवेदन किया था, जबकि वह सेतु निगम से सेवानिवृत्त हुए थे। सत्यापन में कर्मचारियों ने इन्हें पात्र बना दिया।
केस-2
घाटमपुर ब्लॉक के ग्राम पचकारा के शफीक की मौत के बाद पत्नी ने पारिवारिक लाभ योजना के लिए आवेदन किया था। जांच में इनकी उम्र 70 वर्ष निकली। दो आधार कार्ड मिले, जिसमें एक में उम्र 55 वर्ष और दूसरे में 70 वर्ष निकली।
केस-3
घाटमपुर की सदाप्यारी ने पति बालकिशन की मौत के बाद पारिवारिक लाभ योजना के लिए आवेदन किया था। जांच में बालकिशन की उम्र 70 वर्ष निकली।
करीब 200 मृत्यु प्रमाणपत्र मैनुअल मिले
आवेदन पत्र में दो सौ मृत्यु प्रमाणपत्र सचिव के द्वारा मैनुअल बनाए हुए मिले हैं। ऑनलाइन जांच में इनका सत्यापन नहीं हो पाया। हालांकि जांच अभी पूरी नहीं हुई। फर्जी आवेदन पत्र और भी मिलने की संभावना है।
घाटमपुर ब्लॉक के ग्राम मैंधरी की रहने वाली कमला देवी ने अपने पति सत्यनारायण पुजारी की मृत्यु होने पर पारिवारिक लाभ के लिए आवेदन किया था, जबकि वह सेतु निगम से सेवानिवृत्त हुए थे। सत्यापन में कर्मचारियों ने इन्हें पात्र बना दिया।
केस-2
घाटमपुर ब्लॉक के ग्राम पचकारा के शफीक की मौत के बाद पत्नी ने पारिवारिक लाभ योजना के लिए आवेदन किया था। जांच में इनकी उम्र 70 वर्ष निकली। दो आधार कार्ड मिले, जिसमें एक में उम्र 55 वर्ष और दूसरे में 70 वर्ष निकली।
केस-3
घाटमपुर की सदाप्यारी ने पति बालकिशन की मौत के बाद पारिवारिक लाभ योजना के लिए आवेदन किया था। जांच में बालकिशन की उम्र 70 वर्ष निकली।
करीब 200 मृत्यु प्रमाणपत्र मैनुअल मिले
आवेदन पत्र में दो सौ मृत्यु प्रमाणपत्र सचिव के द्वारा मैनुअल बनाए हुए मिले हैं। ऑनलाइन जांच में इनका सत्यापन नहीं हो पाया। हालांकि जांच अभी पूरी नहीं हुई। फर्जी आवेदन पत्र और भी मिलने की संभावना है।
जांच अभी चल रही है। अपने स्तर से दोबारा जांच कराई थी। इसमें कई आवेदनपत्रों में गड़बड़ियां मिलीं हैं। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। - डॉ. प्रज्ञा पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी