फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   big company of kanpur caught in Tax evasion

कानपुर की इस दिग्गज कंपनी ने बनाया टैक्स चोरी का नायाब तरीका, पकड़ी गई 10 करोड़ की चोरी

Thu, 09 Nov 2017 08:01 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 09 Nov 2017 08:01 PM IST
विज्ञापन
big company of kanpur caught in Tax evasion
डेमो पिक
पैकिंग आइटम (प्लास्टिक के बैग) बनाने वाली शहर की दिग्गज कंपनी कानपुर प्लास्टी पैक लिमिटेड में अब तक करीब 10 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी सामने आ चुकी है। कंपनी के सात ठिकानों पर लगातार 24 घंटे चली जांच के बाद बड़ी संख्या में टैक्स चोरी के सबूत हाथ लगे हैं। बुधवार शाम तक पांच ठिकानों पर जांच पूरी कर ली गई थी। पनकी स्थित दो फैक्ट्रियों पर समाचार लिखे जाने तक जांच जारी थी। 
विज्ञापन


आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि कंपनी के स्टॉक और बिक्री के आंकड़ों में भारी अंतर पाया गया है। दस्तावेजों में कुछ दर्शाया गया है जबकि हकीकत में आंकड़े कु छ और हैं। कच्चे माल की खरीद वाले बिलों से मिलान के बाद स्थिति स्पष्ट हुई है। माना जा रहा है कि बड़े पैमाने पर कच्चा माल भी बिना बिल के खरीदा जाता है। इस तरह से तैयार माल को स्वदेशी बाजार में खपाया जा रहा है। शुरुआती जांच में 10 करोड़ की टैक्स चोरी आंकी जा चुकी है। हालांकि कंपनी के निदेशकों ने इसे स्वीकार नहीं किया है।
विज्ञापन


इसलिए सरेंडर की बात भी सामने नहीं आई है। बता दें कि कानपुर प्लास्टी पैक लिमिटेड के टर्नओवर में बीते कई सालों से लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके अनुपात में टैक्स जमा नहीं हो रहा है। लंबे समय तक कंपनी के बैंकिंग लेनदेन की डाटा माइनिंग की गई तो आयकर अफसरों को यह अहम जानकारी हाथ लगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इन्होंने की कार्रवाई 
प्रधान आयकर निदेशक अमरेंद्र कुमार और संयुक्त निदेशक अमरेश तिवारी के निर्देश पर डिप्टी डायरेक्टर वेद प्रकाश, केके मिश्रा, असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. सौरभ आनंद समेत एक दर्जन अधिकारियों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। आयकर की टीमों नेे मंगलवार को फर्म के मालिक मनोज अग्रवाल के विष्णुपुरी स्थित घर, पनकी में तीन ठिकानों (फैक्ट्री, ऑफिस व गोदाम), दादानगर में दो ठिकानों और कानपुर देहात स्थित कंपनी के एक प्रतिष्ठान पर एक साथ छापा मारा था। 

कंपनी के बारे में जानें 
कानपुर प्लास्टी पैक लिमिटेड का सालाना टर्नओवर करीब 250 करोड़ रुपये है। दुनिया के 30 से अधिक देशों में इसका निर्यात है। शहर के उद्यमी एमएस अग्रवाल ने वर्ष 1971 में इसकी शुरुआत की थी। 10 साल बाद वर्ष 1981 में यह शेयर मार्केट में आई थी। शुरुआत में साधारण पैकिंग आइटम बनाने वाली कंपनी अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी एफआईबीसी (फ्लैक्सिबल इंटरमीडिएट बल्क कंटेनर) बनाने वाली कंपनी बन गई है। कंपनी इंडियन ऑयल कारपोरेशन की कनसाइनमेंट स्टॉकिस्ट भी है। दस्तावेजों के मुताबिक कंपनी हर साल 75 लाख प्लास्टिक बैग बनाती है। 


शेयर मार्केट में मिली थी अभूतपूर्व उछाल 
छह मार्च 2017 को कंपनी के शेयरों में अभूतपूर्व उछाल देखने को मिली थी। एक ही दिन में 20 फीसदी ग्रोथ मिलने के बाद कंपनी के शेयरों में सर्किट (रेट नियंत्रित करने की प्रक्रिया) लगाना पड़ा था। आर्थिक विशेषज्ञों ने इसे जैकपॉट शेयर का नाम दिया था। इसके बाद से शहर की गुमनाम सी कंपनी देश भर में छा गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed