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दो मिलों को देनदारी से निकालने के लिए हाईकोर्ट जाएगी बीआईसी, संपत्तियों को बचाने की तैयारी
Fri, 11 Dec 2020 11:45 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 11 Dec 2020 11:45 AM IST
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ब्रिटिश इंडिया कारपोरेशन (बीआईसी)
- फोटो : amar ujala
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एल्गिन मिल और कानपुर टेक्सटाइल की चल और अचल संपत्तियों को लिक्विडेशन (देनदारी) से निकालने की तैयारी ब्रिटिश इंडिया कारपोरेशन (बीआईसी) ने शुरू कर दी है। इसके लिए कपड़ा मंत्रालय के निर्देश पर हाईकोर्ट में इसी महीने वाद दाखिल किया जाएगा।
बंदी की कगार पर पहुंच चुकीं एल्गिन और कानपुर टेक्सटाइल मिल को चलाने के लिए 2001-2002 में बीआईसी ने अलग-अलग सात बैंकों से लोन लिया था। हालांकि मिल तब भी नहीं चल पाईं थीं। बीआईसी पर बैंकों का ब्याज बढ़ता चला गया।
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बंदी की कगार पर पहुंच चुकीं एल्गिन और कानपुर टेक्सटाइल मिल को चलाने के लिए 2001-2002 में बीआईसी ने अलग-अलग सात बैंकों से लोन लिया था। हालांकि मिल तब भी नहीं चल पाईं थीं। बीआईसी पर बैंकों का ब्याज बढ़ता चला गया।
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2008 में सरकार ने एकमुश्त समाधान योजना की पेशकश की। इसमें लोन का प्रिंसिपल एमाउंट और 25 फीसदी ब्याज देने पर सहमति बनी। सरकार ने 56 करोड़ रुपये जारी किए। इसमें कोटक महिंद्रा बैंक को दो करोड़ का भुगतान किया गया। हालांकि बीआईसी के अफसरों के एनओसी न लेने से मामला फंस गया।
बैंक पूरे 11 करोड़ की देनदारी की मांग करता रहा। बैंक हाईकोर्ट चला गया और उसके पक्ष में फैसला सुनाते हुए लिक्विडेटर तैनात कर दिया गया। लिक्वीडटर ने 2018 में मिलों की चल संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की। कानपुर टेक्सटाइल की प्लांट और मशीनरी शहर के कुछ लोगों ने खरीदी।
एल्गिन मिल एक और दो की चल संपत्तियों का मूल्यांकन अधिक होने के कारण नीलामी रुक गई। इस बीच बीआईसी सुप्रीम कोर्ट चली गई। कोर्ट ने पक्ष हाईकोर्ट में रखने की बात कही। बीआईसी के सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय की मंशा है कि दोनों मिलों से लिक्विडेशन की कार्रवाई खत्म हो। इसके लिए अब हाईकोर्ट में नये सिरे से मामला दाखिल किया जाएगा।
बैंक पूरे 11 करोड़ की देनदारी की मांग करता रहा। बैंक हाईकोर्ट चला गया और उसके पक्ष में फैसला सुनाते हुए लिक्विडेटर तैनात कर दिया गया। लिक्वीडटर ने 2018 में मिलों की चल संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की। कानपुर टेक्सटाइल की प्लांट और मशीनरी शहर के कुछ लोगों ने खरीदी।
एल्गिन मिल एक और दो की चल संपत्तियों का मूल्यांकन अधिक होने के कारण नीलामी रुक गई। इस बीच बीआईसी सुप्रीम कोर्ट चली गई। कोर्ट ने पक्ष हाईकोर्ट में रखने की बात कही। बीआईसी के सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय की मंशा है कि दोनों मिलों से लिक्विडेशन की कार्रवाई खत्म हो। इसके लिए अब हाईकोर्ट में नये सिरे से मामला दाखिल किया जाएगा।