{"_id":"6ac6923afd6fe982200e3744","slug":"bharat-milap-in-sadar-bazaar-leela-khas-across-the-ganga-in-kalaran-pond-kanpur-news-c-220-1-akb1002-150153-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: सदर बाजार में भरत मिलाप, कलारन तालाब में गंगा पार लीला खास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: सदर बाजार में भरत मिलाप, कलारन तालाब में गंगा पार लीला खास
Thu, 08 Oct 2026 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 08 Oct 2026 12:10 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। अकबरपुर की ऐतिहासिक रामलीला में सदर बाजार में भरत मिलाप और कलारन तालाब में गंगा पार लीला खास है। रघुवर-सिया संग लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न को देखने के लिए श्रद्धालु उमड़ते हैं। अलग-अलग स्थानों पर हो रही लीला अनवरत चली आ रही है।
अकबरपुर की रामलीला इस बार 156वीं वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस लीला का श्रीगणेश बुधवार को गणेश पूजन, मुकुट पूजन और शिवबरात के साथ हो गया है। इसके बाद राम-रावण जन्म और मुनि याचना, ताड़का वध और मारीज लीला का मंचन अयोध्यापुरी में करने की परंपरा है। जबकि अहिल्या उद्धार, पुष्प वाटिका व सीता स्वयंवर की लीला जनकपुरी मैदान में होती है। रघुनंदन संग सिया से विवाह को देखने के लिए लोग लालायित रहते हैं। इसके बाद केवट संवाद व गंगा पार लीला कलारन तालाब में होती है। यहां भारी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए मौजूद रहते हैं।
इधर, लंका मैदान पर युद्ध आदि की लीला होती है। इसी मैदान पर पुतला दहन होता है। रामलीला मंचन से जुड़े पं. ब्रह्म कुमार द्विवेदी ने बताया कि अब 15 दिन की रामलीला हो रही है। शुरुआत में यह लीला दो दिन की थी। बाद में इसे विस्तार दिया गया। अकबरपुर की रामलीला में केवल जनकपुरी मैदान पर करीब 25 साल पहले लीला मंचन शुरू हुआ। पहले अयोध्यापुरी में ही यह लीला भी होती थी। अब झांकियों का नगर भ्रमण दो दिन होने लगा है।
विज्ञापन
.................
कलाकारों का प्रदेश में बजा डंका
रामलीला से जुड़े पं. ब्रह्मदेव द्विवेदी ने बताया कि स्थानीय कलाकारों में पं. डीएन द्विवेदी (रावण), पं. चंद्र कुमार त्रिपाठी (रावण), पं. अत्र देव अवस्थी (व्यास), पं. शिवनाथ द्विवेदी (रावण व परशुराम) सभी दिवंगत व मौजूद पं. प्रमोद मिश्र (लक्ष्मण व नारंतक) के अभिनय को प्रदेश में पहचान मिल चुकी है।
...............
शिवबरात में अघोरी झांकी रही आकर्षण, रामलीला महोत्सव शुरू
फोटो-36 अकबरपुर में शिव बरात में शामिल सजीव झांकी। संवाद
कानपुर देहात। अकबरपुर की ऐतिहासिक रामलीला में बुधवार को शिव बरात में अघोरी झांकी आकर्षण का केंद्र रही। बरातियों में भूत-प्रेत, पिशाच, बनमानुष वेशधारी शामिल हुए।अयोध्यापुरी में पहले आचार्य ने विधि विधान से गणेश पूजन और मुकुट पूजन कराया। इसके बाद कानपुर के पारुल झांकी ग्रुप ने शिव बरात निकाली। रथ पर सवार अघोरी वेशधारी शिव की सजीव झांकी के साथ शिवगण मस्ती में बाजे ढोल की धुन पर नाचते गाते निकले। अशोक नगर, बाजार में, कलारन तालाब, परी चौक व होलिका दहन स्थल के पास, रामलीला मैदान व अयोध्यापुरी में अलग-अलग मंच पर अलग-अलग सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। सजीव झांकियों में राधा-कृष्ण, हनुमान, मां काली, काल भैरव बाबा आदि प्रमुख रहे। इधर, सदर बाजार से होकर शिव बरात पॉवर हाउस गली पहुंची। बरात में अद्भुत तेरी रचना भोले, अद्भुत तेरी माया, भूत-प्रेत संग लेकर बाबा, कैसा ब्याह रचाया गीत पर श्रद्धालु थिरकते नजर आए। नेहरू नगर होकर परी चौक से गांधीनगर होकर देर शाम शिव बरात अयोध्यापुरी पहुंची। इसी के साथ रामलीला महोत्सव का शुभारंभ हो गया। अयोध्यापुरी में शिव-पार्वती विवाह के बाद रात में यहां गणेश महिमा की लीला का मंचन हुआ। इसके बाद आतिशबाजी हुई। यहां अध्यक्ष रामजी मिश्रा, प्रदीप पांडेय, श्याम ओमर, विमलेश कुमार, अभिषेक गुप्ता, सचिन गुप्ता, अमर यादव आदि मौजूद रहे। (संवाद)
विज्ञापन
अकबरपुर की रामलीला इस बार 156वीं वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस लीला का श्रीगणेश बुधवार को गणेश पूजन, मुकुट पूजन और शिवबरात के साथ हो गया है। इसके बाद राम-रावण जन्म और मुनि याचना, ताड़का वध और मारीज लीला का मंचन अयोध्यापुरी में करने की परंपरा है। जबकि अहिल्या उद्धार, पुष्प वाटिका व सीता स्वयंवर की लीला जनकपुरी मैदान में होती है। रघुनंदन संग सिया से विवाह को देखने के लिए लोग लालायित रहते हैं। इसके बाद केवट संवाद व गंगा पार लीला कलारन तालाब में होती है। यहां भारी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए मौजूद रहते हैं।
विज्ञापन
इधर, लंका मैदान पर युद्ध आदि की लीला होती है। इसी मैदान पर पुतला दहन होता है। रामलीला मंचन से जुड़े पं. ब्रह्म कुमार द्विवेदी ने बताया कि अब 15 दिन की रामलीला हो रही है। शुरुआत में यह लीला दो दिन की थी। बाद में इसे विस्तार दिया गया। अकबरपुर की रामलीला में केवल जनकपुरी मैदान पर करीब 25 साल पहले लीला मंचन शुरू हुआ। पहले अयोध्यापुरी में ही यह लीला भी होती थी। अब झांकियों का नगर भ्रमण दो दिन होने लगा है।
विज्ञापन
.................
कलाकारों का प्रदेश में बजा डंका
रामलीला से जुड़े पं. ब्रह्मदेव द्विवेदी ने बताया कि स्थानीय कलाकारों में पं. डीएन द्विवेदी (रावण), पं. चंद्र कुमार त्रिपाठी (रावण), पं. अत्र देव अवस्थी (व्यास), पं. शिवनाथ द्विवेदी (रावण व परशुराम) सभी दिवंगत व मौजूद पं. प्रमोद मिश्र (लक्ष्मण व नारंतक) के अभिनय को प्रदेश में पहचान मिल चुकी है।
...............
शिवबरात में अघोरी झांकी रही आकर्षण, रामलीला महोत्सव शुरू
फोटो-36 अकबरपुर में शिव बरात में शामिल सजीव झांकी। संवाद
कानपुर देहात। अकबरपुर की ऐतिहासिक रामलीला में बुधवार को शिव बरात में अघोरी झांकी आकर्षण का केंद्र रही। बरातियों में भूत-प्रेत, पिशाच, बनमानुष वेशधारी शामिल हुए।अयोध्यापुरी में पहले आचार्य ने विधि विधान से गणेश पूजन और मुकुट पूजन कराया। इसके बाद कानपुर के पारुल झांकी ग्रुप ने शिव बरात निकाली। रथ पर सवार अघोरी वेशधारी शिव की सजीव झांकी के साथ शिवगण मस्ती में बाजे ढोल की धुन पर नाचते गाते निकले। अशोक नगर, बाजार में, कलारन तालाब, परी चौक व होलिका दहन स्थल के पास, रामलीला मैदान व अयोध्यापुरी में अलग-अलग मंच पर अलग-अलग सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। सजीव झांकियों में राधा-कृष्ण, हनुमान, मां काली, काल भैरव बाबा आदि प्रमुख रहे। इधर, सदर बाजार से होकर शिव बरात पॉवर हाउस गली पहुंची। बरात में अद्भुत तेरी रचना भोले, अद्भुत तेरी माया, भूत-प्रेत संग लेकर बाबा, कैसा ब्याह रचाया गीत पर श्रद्धालु थिरकते नजर आए। नेहरू नगर होकर परी चौक से गांधीनगर होकर देर शाम शिव बरात अयोध्यापुरी पहुंची। इसी के साथ रामलीला महोत्सव का शुभारंभ हो गया। अयोध्यापुरी में शिव-पार्वती विवाह के बाद रात में यहां गणेश महिमा की लीला का मंचन हुआ। इसके बाद आतिशबाजी हुई। यहां अध्यक्ष रामजी मिश्रा, प्रदीप पांडेय, श्याम ओमर, विमलेश कुमार, अभिषेक गुप्ता, सचिन गुप्ता, अमर यादव आदि मौजूद रहे। (संवाद)