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बेहमई कांड : अब सात मार्च को बचाव पक्ष करेगा बहस
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कानपुर देहात। बेहमई कांड में बुधवार को अभियोजन ने बहस आगे बढ़ाई और अभियुक्तों की शिनाख्त कार्रवाई के बाबत न्यायालय को अवगत कराया। घटना में घायल गवाहों व ग्रामीणों के बयान कोर्ट के समक्ष रखे गए। अब बचाव पक्ष के लिए बहस की तिथि सात मार्च तय की गई है।
14 फरवरी 1981 को बेहमई गांव में डकैत फूलन देवी ने गिरोह के साथ धावा बोलकर 20 लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। जबकि सात लोग घायल हुए थे। इस घटना की सुनाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में हो रही है।
घटना में वादी राजाराम समेत कई आरोपियों की मौत हो चुकी है। मामले में 41 साल बाद अब फैसला आने की उम्मीद दिखी है। घटना को लेकर अंतिम बहस शुरू हो गई है। बुधवार को बहस के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल ने न्यायालय के समक्ष घटना की वस्तुस्थिति का विवरण रखा।
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घटना में घायल हुए गवाह जंटर सिंह, वकील सिंह, तखत सिंह के बयानों व लूटपाट के शिकार हुए मरजात सिंह, राजाराम सिंह, करन सिंह के बयानों को न्यायालय के समक्ष रखा।
अब बचाव पक्ष के लिए बहस की तिथि सात मार्च तय की गई है। इस मौके अभियुक्त विश्वनाथ मौजूद रहा। जबकि श्यामबाबू की हाजिरी माफी हुई। वहीं पोसा जेल में है।
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14 फरवरी 1981 को बेहमई गांव में डकैत फूलन देवी ने गिरोह के साथ धावा बोलकर 20 लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। जबकि सात लोग घायल हुए थे। इस घटना की सुनाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में हो रही है।
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घटना में वादी राजाराम समेत कई आरोपियों की मौत हो चुकी है। मामले में 41 साल बाद अब फैसला आने की उम्मीद दिखी है। घटना को लेकर अंतिम बहस शुरू हो गई है। बुधवार को बहस के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल ने न्यायालय के समक्ष घटना की वस्तुस्थिति का विवरण रखा।
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घटना में घायल हुए गवाह जंटर सिंह, वकील सिंह, तखत सिंह के बयानों व लूटपाट के शिकार हुए मरजात सिंह, राजाराम सिंह, करन सिंह के बयानों को न्यायालय के समक्ष रखा।
अब बचाव पक्ष के लिए बहस की तिथि सात मार्च तय की गई है। इस मौके अभियुक्त विश्वनाथ मौजूद रहा। जबकि श्यामबाबू की हाजिरी माफी हुई। वहीं पोसा जेल में है।