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बेहमई कांड : बचाव पक्ष ने रखे कई तर्क, अब अभियोजन पक्ष देगा जवाब, 17 अक्तूबर को होगी सुनवाई

Wed, 12 Oct 2022 01:57 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Oct 2022 01:57 AM IST
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Behmai case: Defense has put forth many arguments, now prosecution will answer, hearing will be held on October 17
कानपुर देहात। बेहमई कांड में मंगलवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में अपनी बहस पूरी कर ली। अब अभियोजन को बचाव पक्ष के तर्कों का जवाब देना है। इसकी सुनवाई के लिए अदालत ने 17 अक्तूबर की तिथि तय की है।
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बेहमई गांव में फूलन देवी ने साथियों के साथ मिलकर 14 फरवरी 1981 को 20 लोगों की हत्या कर दी थी। घटना में छह लोग घायल हुए थे। मामले में गांव के राजा राम सिंह ने फूलन देवी व उसके साथी डकैतों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट चंद्रमणि मिश्रा की अदालत में चल रही है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान घटना के वादी व गवाह समेत अधिकांश आरोपियों की मौत हो चुकी है। मामले में अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल बहस की।
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साथ ही आरोपी पोसा व श्यामबाबू की तरफ से अधिवक्ता रघुनंदन सिंह बहस कर चुके हैं। आरोपी विश्वनाथ की ओर से अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे मामले में बहस कर रहे हैं।
मंगलवार को अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे ने बहस को आगे बढ़ाते हुए अदालत को बताया कि मामले में आरोपी मानसिंह को शिनाख्त कार्यवाही के दौरान किसी गवाह ने नहीं पहचाना है। जबकि सभी गवाहों ने अदालत में दिए अपने बयानों में उसका नाम लिया है।
सभी गवाहों ने विरोधाभासी बयान देते हुए घटना का समय अलग-अलग बताया है। वहीं, मामले के वादी राजाराम की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराते समय घटना में चुटहिल व मृतकों के नाम नहीं लिखाए।
इससे साफ है कि वह घटना स्थल पर नहीं था। मामले में सभी आरोपियों पर पुलिस ने चार्जशीट शिनाख्त कार्यवाही के आधार पर लगाई है, लेकिन किसी गवाह ने शिनाख्त कार्यवाही को साबित नहीं किया है।
घटना के समय पूरे गांव से लूट की बात की गई है, लेकिन किसी आरोपी से कोई बरामदगी नहीं है। घटना के समय आरोपियों के असलहों के प्रयोग करने की बात की गई है, लेकिन किसी आरोपी से असलहा की बरामदगी नहीं है।
मामले में कुछ मृतकों का पंचनामा दमनपुर गांव में हुआ है। यह शव दमनपुर गांव कैसे पहुंचे, यह अभियोजन साबित नहीं कर सका है। बचाव पक्ष ने अपनी बहस पूरी करते हुए आरोपियों को दोषमुक्त किए जाने की बात अदालत के सामने रखी है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता शशिभूषण सिंह चौहान व अमित सिंह ने बताया कि बचाव पक्ष ने बहस पूरी कर ली है। अब अभियोजन को बचाव पक्ष के तर्कों का जवाब देने के लिए अदालत ने 17 अक्टूबर तिथि तय की है।

इस दौरान विश्वनाथ कोर्ट में उपस्थित रहा, जबकि श्यामबाबू की तरफ से हाजिरी माफी प्रार्थनापत्र दिया गया। आरोपी पोसा जेल में बंद है। उसे बीमार के चलते अदालत में नहीं लाया गया।
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