फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Behmai case: Debate on identification, FIR and statements, now debate will be held on August 2 in anti-dacoity court

बेहमई कांड : शिनाख्त, एफआईआर और बयानों को लेकर हुई बहस, अब एंटी डकैती कोर्ट में दो अगस्त को होगी बहस

Wed, 27 Jul 2022 01:43 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jul 2022 01:43 AM IST
विज्ञापन
Behmai case: Debate on identification, FIR and statements, now debate will be held on August 2 in anti-dacoity court
कानपुर देहात। एंटी डकैती कोर्ट में बेहमई कांड की सुनवाई चल रही है। मंगलवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने वादी मुकदमा व अन्य गवाहों के बयानों को लेकर बहस की।
विज्ञापन

कोर्ट में तर्क रखा कि वादी ने एफआईआर में श्यामबाबू व पोसा का नाम नहीं लिया। शिनाख्त कार्रवाई भी विलंब से हुई। पुलिस ने घटना में मारे गए दो व्यक्तियों के शवों का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया था। मामले में कोर्ट ने बहस के लिए अगली तारीख दो अगस्त तय की है।
विज्ञापन

बेहमई गांव में फूलन देवी ने 14 फरवरी 1981 को साथियों के साथ मिलकर 20 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में गांव के राजा राम सिंह ने फूलन देवी व अन्य डकैतों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुकदमे की सुनवाई के दौरान घटना के वादी, गवाह समेत अधिकांश आरोपियों की मौत हो चुकी है। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट चंद्रमणि मिश्रा की अदालत में चल रही है।
मंगलवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता रघुनंदन सिंह ने बहस करते हुए कोर्ट को बताया कि मामले के वादी राजाराम ने श्यामबाबू व पोसा की नामजदगी एफआईआर में नहीं की है, जबकि अपने बयान में उसने कहा है कि वह पोसा को घटना के पहले से जानता था।
वहीं, घटना में घायल हुए गवाह वकील सिंह ने पोसा व श्यामबाबू का नाम लिया है, लेकिन शिनाख्त करने जेल नहीं गया। गवाह जंटर सिंह से पुलिस ने छह माह बाद शिनाख्त करवाई, जबकि 30 से 45 दिन में शिनाख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अभियोजन के गवाह करण सिंह समेत कई गवाहों ने श्यामबाबू व पोसा का नाम अपने बयानों में नहीं लिया है। साथ ही घटना में मारे गए दो व्यक्तियों के शवों का पोस्टमार्टम पुलिस ने नहीं कराया था। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे ने बताया कि उनकी बहस होनी बाकी है।

कोर्ट ने बहस के लिए दो अगस्त की तिथि तय की है। इस दौरान विश्वनाथ व श्यामबाबू कोर्ट में उपस्थित रहे। आरोपी पोसा जेल में बंद हैं। अत्यधिक वृद्ध व बीमार होने के कारण उसे कोर्ट नहीं लाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed