बारामुला के शहीद के घर छाया मातम, भाई ने बाेला- देश के लिए जान देना गर्व की बात
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उत्तरी कश्मीर के बारामुला में 46 राष्ट्रीय राइफल्स के कैंप पर आतंकी हमले में शहीद हुए बीएसएफ जवान नीतिन यादव इटावा के चाैबिया इलाके के रहने वाले थे। नीतिन के शहीद हाेने की सूचना मिलते ही परिवार में काेहराम मच गया। पूरा गांव स्तब्ध हाे गया। 24 साल के इस जवान के खाेने का किसी काे विश्वास ही नहीं हाे रहा था। दूर-दूर से लाेग नीतिन के परिजनाें काे सांत्वना देने पहुंच रहे थे। माता-पिता काे बेटे के खाेने का दर्द ताे था लेकिन इस बार का गर्व भी था कि उनके बेटे ने देश के लिए अपनी जान दी। नीतिन के बड़े भाई सचिन की अांखे नम थी, लेकिन भाई की शहादत पर फक्र महसूस कर रहे थे। बाेले देश के लिए जान देना गर्व की बात है। उन्हाेंने बाेला अगर माैका मिला ताे वह खुद देश की रक्षा के लिए सेना में भर्ती हाेंगे।
एक माह पहले हुई थी पाेस्टिंग
शहीद नीतिन 2013 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। उनकी शुरूअाती पाेस्टिंग बंगाल बार्डर पर थी। एक माह पहले ही उन्हें नई तैनाती के रूप में कश्मीर के बारामुला भेजा गया था। बेहद तेज तर्रार स्वभाव के नीतिन देश के लिए हमेशा तैयार रहा करते थे। उनके चाचा मुकुट सिंह बताते हैं कि नीतिन से कुछ दिनाें पहले उनकी बात हुई थी। उन्हाेंने माैजूदा हालात के बारे में बताया था।
भाई संग दी थी परीक्षा
नीतिन अाैर उनके बड़े भाई सचिन दाेनाें ही देश की सेवा के लिए बीएसएफ में भर्ती हाेना चाहते थे। 2013 में दाेनाें ने एकसाथ परीक्षा भी दी थी, लेकिन एक नंबर से बड़ा भाई परीक्षा में सफल हाेने से चूक गए था। नीतिन ने इस परीक्षा काे पास कर लिया। ट्रेनिंग पूरी हाेने के बाद उन्हें बंगाल बार्डर पर पाेस्टिंग दी गई। एक माह पहले ही उन्हें वहां से कश्मीर ट्रांसफर किया गया।
रात में अाएगा पार्थिव शरीर
शहीद नीतिन का पार्थिव शरीर साेमवार की रात तक गांव पहुंचने की संभावना है। उनके चाचा मुकुट सिंह ने बताया कि बीएसएफ के अधिकारियाें ने उनसे संपर्क किया है अाैर रात तक अगर शरीर अा जाएगा ताे मंगलवार की सुबह उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।