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बैंक ऑफ इंडिया का भी 1395 करोड़ नहीं चुका पाए विक्रम कोठारी
प्रदीप अवस्थी/कानपुर
Updated Sat, 06 Aug 2016 01:55 AM IST
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विक्रम कोठारी
- फोटो : amarujala
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शहर के जाने माने उद्यमी व रोटोमैक ग्रुप के मालिक विक्रम कोठारी सिर्फ इलाहाबाद बैंक के 352 करोड़ रुपये के ही कर्जदार नहीं हैं। इन पर बैंक ऑफ इंडिया का भी करीब 1395 करोड़ रुपये का कर्ज है।
विक्रम कोठारी की चार कंपनियों के नाम से शहर की बिरहाना रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच में चार अलग-अलग खाते हैं। ये सभी खाते एक साल पहले वर्ष 2015 में एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट) हो चुके हैं। बैंक लगातार विक्रम कोठारी और फर्म के डायरेक्टरों से पत्राचार कर रहा है, लेकिन कर्ज की रकम नहीं चुकाई जा रही। बैंक ऑफ इंडिया की ओर से एक साल के दौरान भेजे गए सामान्य नोटिसों का भी जवाब नहीं दिया जा रहा है।
सामान्य नोटिसों का निर्धारित समय पूरा होने के बाद खातों में सुधार न होने पर बैंक के सेंट्रल ऑफिस ने आपत्ति जताई है। बैंक विक्रम कोठारी को अब सरफेसी एक्ट के तहत नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। जल्द ही उद्यमी ने अपने एनपीए खातों में कर्ज की रकम जमा नहीं कराई तो बैंक बंधक संपत्तियों को कब्जे में ले लेगा।
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अब तक 1700 करोड़
विक्रम कोठारी पर दो बैंकों में अब तक करीब 1700 करोड़ की कर्जदारी मिल चुकी है। हैरत की बात है कि सभी खाते एनपीए हैं। शहर के बड़े उद्यमियों में शुमार विक्रम कोठारी के खाते एनपीए होने से बैंकों में हड़कंप मचा है।
बैंक में कंपनियों के खाते कर्ज
रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड 830 करोड़
कोठारी फूड एंड फ्रेगरेंस 155 करोड़
रोटोमैक एक्सपोर्ट 245 करोड़
क्राउन एल्वा 165 करोड़
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विक्रम कोठारी की चार कंपनियों के नाम से शहर की बिरहाना रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच में चार अलग-अलग खाते हैं। ये सभी खाते एक साल पहले वर्ष 2015 में एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट) हो चुके हैं। बैंक लगातार विक्रम कोठारी और फर्म के डायरेक्टरों से पत्राचार कर रहा है, लेकिन कर्ज की रकम नहीं चुकाई जा रही। बैंक ऑफ इंडिया की ओर से एक साल के दौरान भेजे गए सामान्य नोटिसों का भी जवाब नहीं दिया जा रहा है।
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सामान्य नोटिसों का निर्धारित समय पूरा होने के बाद खातों में सुधार न होने पर बैंक के सेंट्रल ऑफिस ने आपत्ति जताई है। बैंक विक्रम कोठारी को अब सरफेसी एक्ट के तहत नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। जल्द ही उद्यमी ने अपने एनपीए खातों में कर्ज की रकम जमा नहीं कराई तो बैंक बंधक संपत्तियों को कब्जे में ले लेगा।
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अब तक 1700 करोड़
विक्रम कोठारी पर दो बैंकों में अब तक करीब 1700 करोड़ की कर्जदारी मिल चुकी है। हैरत की बात है कि सभी खाते एनपीए हैं। शहर के बड़े उद्यमियों में शुमार विक्रम कोठारी के खाते एनपीए होने से बैंकों में हड़कंप मचा है।
बैंक में कंपनियों के खाते कर्ज
रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड 830 करोड़
कोठारी फूड एंड फ्रेगरेंस 155 करोड़
रोटोमैक एक्सपोर्ट 245 करोड़
क्राउन एल्वा 165 करोड़