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100 करोड़ के छोटे नोटों ने बढ़ाई बैंककर्मियों की परेशानी, संदूक और अलमारी में करने पड़ रहे डंप

Sat, 23 Jan 2021 01:08 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 23 Jan 2021 01:08 AM IST
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Bank have to keep notes in cupboards and boxes
सांकेतिक तस्वीर

छोटे नोटों (10 और 20 के) की बढ़ती संख्या से बैंक कर्मचारी और अफसर परेशान हैं। आरबीआई और ग्राहकों के इन नोटों के न लेने से बैंकों में इन्हें रखने की जगह कम पड़ रही है। हाल यह है कि इन्हें संदूकों और अलमारियों में रखना पड़ रहा है।

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अलग-अलग चेस्ट करंसी और बैंकों में करीब 100 करोड़ से अधिक के छोटे नोट डंप पड़े हैं। यही हाल सिक्कों का भी है। शहर में अलग-अलग बैंकों की सैकड़ों शाखाएं हैं। इसके अलावा एसबीआई की पांच, पीएनबी की दो, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया की एक-एक के अलावा अन्य बैंकों की तीन दर्जन से अधिक चेस्ट करेंसी (जहां नोट रखे जाते हैं) हैं।
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क्लीन करेंसी के तहत आरबीआई 10, 20, 50 और सौ के नए नोट ला चुकी है। पुराने नोट भी बाजार और बैंकों के पास हैं। वी बैंकर्स एसोसिएशन के महामंत्री आशीष मिश्रा ने बताया कि ग्राहकों छोटे नोट लेने से मना कर देते हैं।

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आरबीआई भी छोटे नोटों को लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। इसका असर बैंकों में पड़ रहा है। नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक इंप्लाइज के सचिव राजेंद्र अवस्थी ने बताया कि आरबीआई की ओर से इस दिशा में कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है। बैंकों के पास छोटे नोटों को रखने की जगह नहीं बची है। नोट सुरक्षित भी रखने हैं, ऐसे में अलमारी और संदूकों में इन्हें रखा जा रहा है।

आरबीआई नहीं लेता सिक्के
वी बैंकर्स एसोसिएशन के महामंत्री ने बताया कि एक आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने बताया था कि वो चेस्ट करेंसी के माध्यम से किसी भी प्रकार के सिक्कों को वापस नहीं लेता है। इससे और परेशानी बढ़ी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही स्थिति
बैंक के जानकारों ने बताया कि छोटे नोट न लेने की समस्या शहर स्थित बैंकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी है। वहां पर भी ग्राहक 10 और 20 के नोट लेने से परहेज कर रहे हैं।
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