Banda: फूड प्वॉइजनिंग से 20 से अधिक बच्चे बीमार, ठेलिया से लेकर खाया था मोमोज, स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैंप
Banda News: नरैनी के मसूरी खेरवा गांव में मोमोज खाने से 20 से अधिक बच्चे बीमार हो गए। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने गांव में पहुंचकर कैंप लगाया है, जहां बच्चों का इलाज किया जा रहा है। वहीं, चार बच्चों को रेफर कर दिया गया है।
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बांदा जिले के नरैनी में मोमोज खाने से मसूरी खेरवा गांव मे 20 अधिक बच्चे बीमार पड़ गए। चार बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मेडिकल कालेज रेफर किया गया है। शुक्रवार देर रात जिलाधिकारी के निर्देश पर रात में ही स्वास्थ्य टीम गांव पहुंचकर उपचार शुरू कर दिया है। नरैनी तहसील के मसूरी खेरवा गांव निवासी बुद्दविलास, रामऔतार, सुनील, छोटू ने बताया कि गुरुवार की शाम गांव में बच्चों ने एक ठेलिया से मोमोज लेकर खाया था। शुक्रवार को धीरे धीरे बच्चों की हालत बिगड़ने लगी बच्चों में उल्टी, दस्त व फीवर के लक्षण होने लगे। उनका गांव में ही उपचार कराया गया।
हालत बिगड़ने पर शुक्रवार को देर शाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरैनी में चार बच्चों स्नेहा (18), विवेक (14), प्रिंस (12), प्रीति (9) को भर्ती कराया गया। सुधार न होने पर डॉ. अतुल वर्मा ने रात में ही रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि बच्चे फूड प्वॉइजिंग का शिकार हुए है। मामले की जानकारी जिला प्रशासन को दी गई। जिलाधिकारी के आदेश पर शनिवार की रात नौ बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहेरी से स्वास्थ्य टीम मसूरी खेरवा गांव पहुंच। स्वास्थ्य टीम में सीएचसी बहेरी अधीक्षक डॉ. देव तिवारी, डॉ. विनोद, फार्मासिस्ट कमलेश व आनंद, वार्ड ब्वॉय रोहित व अनूप पाल, दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामली रहे।
ठेलिया वाले को पुलिस ने उठाया
टीम ने रात 11 बजे तक घर घर जाकर फूड प्वॉइजिंग का शिकार हुए बच्चों का इलाज किया। उपचार किए गए बच्चों में मोहिनी, हरिराम, नीरज, सुनील, मुन्नी, पूजा, रंजीत, शानू, दीपक, सूरज, महक, शिवा, अरविंद, अर्चना व गीता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहेरी अधीक्षक डॉ. देव तिवारी ने बताया कि कुल 15 बच्चे फूड प्वाजिंग का शिकार हुए है। इनमें चार बच्चे मेडिकल कॉलेज में भर्ती है, जिनका उपचार किया गया है। खेरवा गांव में मोमोज लगाने वाले ठेला वाले को ग्रामीणों की सूचना पर गिरवा पुलिस ने पहुंचकर दुकान वाले का सारा समान थाने ले गई है।