Banda Crime: कचहरी परिसर में अधिवक्ता के ऊपर ताना तमंचा, मची अफरा-तफरी
बांदा जिले में कचेहरी परिसर में हुई अधिवक्ता के ऊपर तमंचा तानने की घटना को लेकर एक बार फिर कचेहरी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के स्वराज कालोनी निवासी अधिवक्ता अरविंद पांडे शनिवार को दोपहर अपने बस्ते में बैठे में काम कर रहे थे। तभी उनके बस्ते में चित्रकूट जनपद के रौली कल्यानपुर गांव का 65 वर्षीय बृजगोपाल तिवारी पहुंचा और अधिवक्ता अरविंद पांडे से बताया कि वह अधिवक्ता मोतीलाल गुप्ता का क्लाइंट है। उनसे मिलना है।
इस पर अधिवक्ता अरविंद पांडेय ने उससे कहा कि वह फोन करके अधिवक्ता मोतीलाल को बुला रहे हैं, आप बैठिए। इस पर वह बुजुर्ग अरविंद पांडेय से अभद्रता करने लगा और देखते ही देखते उसने अपनी जेब से 315 बोर का तमंचा निकालकर अधिवक्ता की कनपटी में लगा दिया। अचानक इस हरकत का अधिवक्ता ने विरोध करते हुए उसका तमंचा छीन लिया और और कचहरी परिसर में आसपास बस्तों में मौजूद अधिवक्ता साथियों की मदद से उसे पकड़ कर सीजेएम कोर्ट को सौंप दिया। सीजेएम भगवान दास गुप्ता ने पूरे मामले में कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए।
अधिवक्ता अरविंद पांडे ने बताया कि उन्होंने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। शहर कोतवाल अनूप दुबे ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। तमंचा व कारतूस भी बरामद हो गया है। अधिवक्ता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक दीक्षित ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर वह पर वह मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने आरोपी को सीजेएम कोर्ट के हवाले किया है।
कचहरी परिसर में तमंचा लेकर घुसने पर खड़े हुए सुरक्षा पर सवाल
कचहरी परिसर में हुई अधिवक्ता के ऊपर तमंचा तानने की घटना को लेकर एक बार फिर कचहरी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कचहरी परिसर में बुजुर्ग की इस हरकत पर जजी परिसर में गेट में तैनात पुलिस कर्मियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे चौकाने वाली बात यह कि वह व्यक्ति तमंचा लिए हुए कचहरी परिसर में कैसे घुस गया। इस पर अधिवक्ताओं में भी आक्रोश रहा।
जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक दीक्षित का कहना है कि अधिवक्ता की सूझबूझ से बड़ी घटना होने से बची है, उन्होंने भी माना कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं चूक हुई है। उन्होंने अधिवक्ताओं की ओर से कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच की जानी चाहिए, साथ ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर भी इंतजाम किए जाने चाहिए। यह घटना बेहद शर्मनाक है।