Kanpur Fraud Case: 3200 करोड़ के फर्जीवाड़े में 50 हजार के इनामी फैज आलम की दो जमानत अर्जियां खारिज
Kanpur News: 3200 करोड़ रुपये के कथित अवैध लेनदेन मामले में मुख्य आरोपी महफूज उर्फ पप्पू छुरी के बेटे और 50 हजार रुपये के इनामी फैज आलम को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर जिला जज अष्टम विजय कुमार गुप्ता ने उसकी दो जमानत अर्जियां खारिज कर दीं।
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कानपुर जिले में सामने आए 3200 करोड़ रुपये के बहुचर्चित अवैध लेनदेन मामले में मुख्य आरोपी को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। मामले के मुख्य अभियुक्त महफूज उर्फ पप्पू छुरी के बेटे और 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी फैज आलम की दो अलग-अलग जमानत अर्जियों को न्यायालय ने सिरे से खारिज कर दिया है।
यह महत्वपूर्ण फैसला अपर जिला जज (अष्टम) विजय कुमार गुप्ता की अदालत ने सुनवाई के बाद सुनाया है। आरोपी फैज आलम पर लोगों के फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल कर बैंक खाते खुलवाने और उनके जरिए करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन करने के गंभीर आरोप दर्ज हैं।
फर्जी बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों के लेनदेन
अदालत में मामले की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इस पूरे फर्जीवाड़े को लेकर चकेरी के स्क्रैप कारोबारी अजय शुक्ला और जाजमऊ निवासी मोहम्मद आजम ने अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
दोनों पीड़ितों का गंभीर आरोप था कि आरोपी फैज आलम और उसके पिता ने मिलकर उनके महत्वपूर्ण व्यक्तिगत दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया। पीड़ितों की जानकारी के बिना फर्जी तरीके से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए गए और फिर उन बैंक खातों के जरिए लाखों-करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन कर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के खेल को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा था जेल
जब पीड़ितों को उनके नाम पर हुए इस विशालकाय फर्जीवाड़े और आयकर विभाग के नोटिस का पता चला, तब उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फैज आलम लगातार फरार चल रहा था, जिस पर पुलिस प्रशासन की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
बाद में पुलिस की विशेष टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी फैज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल में बंद फैज आलम की ओर से दोनों दर्ज मुकदमों में जमानत के लिए अपर जिला जज (अष्टम) की अदालत में अर्जी दाखिल की गई थी।
अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने खारिज की जमानत
कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अपराध की गंभीरता, 3200 करोड़ रुपये के विशालकाय आर्थिक साम्राज्य और फर्जीवाड़े के साक्ष्यों को मजबूती से अदालत के सामने रखा। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों का गहन अनुशीलन करने के बाद माना कि आरोपी पर लगे आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं।
इसके बाद अपर जिला जज अष्टम विजय कुमार गुप्ता ने आरोपी फैज आलम की दोनों जमानत याचिकाओं को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया। कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद अब आरोपी को फिलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा।