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बबुली कोल गैंग से रेल संपत्ति को खतरा
टीम डिजिटल,अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 01 Aug 2017 04:45 PM IST
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रेलकर्मी का अपहरण होने के बाद मप्र सतना आरपीएफ के कमांडेंट व असिस्टेंट कमांडेंट ने मारकुंडी थाने में चित्रकूट पुलिस के साथ बैठकर रणनीति बनाई। इसके बाद दस्यु प्रभावित क्षेत्रों के रेल फाटक और स्टेशनों का निरीक्षण किया।
टीम ने माना है कि इस क्षेत्र में रेल संपत्ति को सबसे बड़ा खतरा डाकू बबुली कोल गैंग से ही है। सोमवार को आरपीएफ के कमांडेंट अनिल भालेराव और असिस्टेंट कमांडेंट केसी मुदिलयार ने मारकुंडी थाने में एंटी डकैती टीम व थाना पुलिस के साथ बैठक कर अपहृतों को छुड़ाने की रणनीति बनाई।
इसके बाद आरपीएफ टीम ने टिकरिया, बांसा पहाड़, बराहमाफी, मारकुंडी स्टेशन के आसपास के रेल फाटक और स्टेशन का निरीक्षण कर माना कि डाकू बबुली कोल गैंग से रेलकर्मियों व रेल संपत्ति को खतरा है। आरपीएफ कमांडेंड ने बताया कि यही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
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लेकिन इससे पहले ही मंगलवार को बबुली कोल गैंग के द्वारा दोनों को रिहा किए जाने की खबर सामने आ गई। लेकिन अभी भी रेलवे को बबुली कोल गिरोह से आगे के लिए सतर्क रहने की जरूरत होगी।
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टीम ने माना है कि इस क्षेत्र में रेल संपत्ति को सबसे बड़ा खतरा डाकू बबुली कोल गैंग से ही है। सोमवार को आरपीएफ के कमांडेंट अनिल भालेराव और असिस्टेंट कमांडेंट केसी मुदिलयार ने मारकुंडी थाने में एंटी डकैती टीम व थाना पुलिस के साथ बैठक कर अपहृतों को छुड़ाने की रणनीति बनाई।
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इसके बाद आरपीएफ टीम ने टिकरिया, बांसा पहाड़, बराहमाफी, मारकुंडी स्टेशन के आसपास के रेल फाटक और स्टेशन का निरीक्षण कर माना कि डाकू बबुली कोल गैंग से रेलकर्मियों व रेल संपत्ति को खतरा है। आरपीएफ कमांडेंड ने बताया कि यही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
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लेकिन इससे पहले ही मंगलवार को बबुली कोल गैंग के द्वारा दोनों को रिहा किए जाने की खबर सामने आ गई। लेकिन अभी भी रेलवे को बबुली कोल गिरोह से आगे के लिए सतर्क रहने की जरूरत होगी।