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Kanpur News: बीएएलएलबी आठ साल में होगा, विवि की एकेडमिक काउंसिल में फैसला

Sat, 01 Aug 2026 02:28 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:28 AM IST
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BA-LLB course to span eight years; decision taken by university's Academic Council.
कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में विधि संकाय में बड़ा बदलाव किया गया है। अब बिना किसी ब्रेक के एलएलबी के छात्र तीन साल के कोर्स को छह साल और बीएलएलबी के छात्र पांच साल के कोर्स को आठ साल में पूरा कर सकेंगे। छात्रों के ओवरऑल पासिंग पर्सेंटेज को 48 फीसदी से घटाकर 45 फीसदी कर दिया है। यह फैसला विवि के एकेडमिक काउंसिल में हुआ।
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अब सिर्फ बैक पेपर का नियम लागू रहेगा। लॉ के अलावा अन्य कई संशोधित पाठ्यक्रमों पर सहमति दे दी गई है। साथ ही कुछ कोर्स में सीटें बढ़ी और कुछ में कम हुई हैं। सीएसजेएमयू के सेंटर फॉर एकेडमिक में शुक्रवार को कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड पर एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई। लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे लॉ के छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए विवि ने कई अहम फैसले लिए। लॉ से ‘एक्स’ सिस्टम खत्म कर दिया गया है। अब सिर्फ बैक पेपर का नियम लागू रहेगा।
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अभी तक छात्रों के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर में मिलाकर कुल 48 फीसदी अंक और प्रत्येक विषय में 36 फीसदी पासिंग अंक अनिवार्य थे। यह न होने पर उसे पांचवें सेमेस्टर में प्रवेश (प्रमोट) नहीं दिया जाता था। ये छात्र एक्स के रूप में फॉर्म भरते। प्रथम वर्ष पास करने के बाद ही उसे तीसरे वर्ष में दाखिला दिया जाता था। अब छात्र बिना रुके प्रमोट होंगे और अपनी सुविधानुसार बैक पेपर दे सकेंगे। इसी तरह बीए-एलएलबी में भी छात्रों को बिना रोके प्रमोट किया जाएगा।
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इसके अलावा बैठक में कला, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान, कृषि विज्ञान, आधारभूत विज्ञान, पत्रकारिता एवं जनसंचार, संगीत, शिक्षा, स्वास्थ्य विज्ञान तथा व्यावसायिक अध्ययन में कई नए कोर्स भी अनुमोदित किए गए। स्वास्थ्य विज्ञान, फार्मेसी, भाषा अध्ययन, पत्रकारिता, संगीत एवं अन्य विभागों की ओर से प्रस्तुत संशोधित पाठ्यक्रमों पर भी मंथन हुआ। पीएचडी कार्यक्रमों से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक एवं शैक्षणिक विषयों पर भी चर्चा की गई।
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