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Kanpur News: किडनी से पहले 18 बीघा जमीन बेच चुका है आयुष

Tue, 07 Apr 2026 02:48 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2026 02:48 AM IST
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Ayush had sold 18 bighas of land before the kidney.
कानपुर। किडनी कांड में अब तक पीड़ित नजर आने वाला बिहार के बेगूसराय का आयुष चौधरी बेहद शातिर है। वह खुद को बचाने के लिए पुलिस को लगातार गुमराह कर रहा है। फीस के लिए किडनी बेचने की जो कहानी उसने पुलिस को सुनाई थी वह फर्जी है। अब तक की जांच में सामने आया कि वह अपनी गलत संगत के चलते किडनी ही नहीं गांव की 18 बीघा जमीन भी बेच चुका है। साइबर ठगी के एक मामले में गुजरात पुलिस ने उसे नोटिस भी भेजा है।
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31 मार्च को रावतपुर पुलिस ने मसवानपुर स्थित आहूजा हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ छापा मारा था। जांच के लिए पहुंची टीमों को पनकी कल्याणपुर रोड स्थित प्रिया अस्पताल में मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर भर्ती मिली थीं। उनको किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी। यह किडनी बिहार के बेगूसराय के औगान गांव के आयुष की थी जो कि पुलिस को आवास-विकास कल्याणपुर स्थित मेडलाइफ अस्पताल में भर्ती मिला। पुलिस ने किडनी के अवैध ट्रांसप्लांट की पुष्टि होने के बाद आहूजा हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर दंपती समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। आयुष ने पुलिस को बताया था कि वह देहरादून स्थित ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से एमबीए छात्र है।
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चौथे सेमेस्टर की फीस जमा करने के लिए उसने किडनी बेची है। हालांकि, उसकी दोनों ही कहानी पुलिस की जांच में झूठी निकली। जांच टीम के अनुसार न तो वह ग्राफिक एरा का छात्र निकला और न ही उसने फीस के लिए किडनी बेची। झूठ पकड़े जाने पर आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह ग्राफिक से नहीं उत्तरांचल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहा है। इस तथ्य की भी पुलिस जांच करा रही है। उसके गांव गई पुलिस टीम को वहां से जानकारी मिली है कि आयुष ने 2015 में इंटर किया था।
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उसे मेडिकल की पढाई के लिए पिता ने विशाखापट्टनम भेजा। हालांकि, उसकी संगत बिगड़ गई। उसे नशे की लत लग गई। उसकी गलत संगत से परेशान होकर पिता राजेश ने वर्ष 2017 में आत्महत्या कर ली। पिता की मौत के बाद आयुष ने दोस्तों और एयरहोस्टेस गर्लफ्रैंड के चक्कर में 18 बीघा जमीन बेच दी। वह वर्ष 2021 से गांव नहीं गया। उसने दोस्त को बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़वाने के लिए भी जमीन बेची थी।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक आरोपी साइबर ठगी के मामलों से जुड़ा है। वह शातिरों को म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराता था। उसे साइबर ठगी के एक मामले में गुजरात के सुरेंद्रनगर की साइबर सेल ने नोटिस भी दिया है। उसके खाते में साइबर ठगी की बड़ी रकम का लेनदेन हुआ है।
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