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Auraiya: दूल्हा हेलीकॉप्टर से दुल्हन लेकर पहुंचा गांव, देखने के लिए ग्रामीणों की उमड़ी भीड़
Wed, 25 Feb 2026 10:38 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 25 Feb 2026 10:38 PM IST
सार
Auraiya News: शादी के बाद दुल्हन हेलीकॉप्टर से विदा होकर ससुराल आई। उसे देखने के लिए ग्रामीणाें की भीड़ उमड़ पड़ी।
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हेलीकॉप्टर से दुल्हन लेकर पहुंचे दूल्हे का स्वागत करते साथी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अजीतमल कस्बे में दूल्हा जब दुल्हन की विदा कराकर हेलीकॉप्टर से गांव पहुंचा तो यह विवाह यादगार बन गया। सूचना मिलते ही हेलीपैड पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग इस दृश्य को देखने पहुंचे। जैसे ही हेलीकॉप्टर उतरा, मौजूद लोगों ने नवविवाहित जोड़े पर फूल बरसाकर स्वागत किया।
कस्बे के आदमपुर स्थित सिंहवाहिनी महाविद्यालय के प्रबंधक सतेंद्र राजपूत के पुत्र निर्वेश राजपूत की बरात मंगलवार को जनपद महोबा के चरखारी क्षेत्र स्थित भटेवरा कलां गांव गई थी। वहां देशपत राजपूत की पुत्री आकांक्षा राजपूत के साथ निर्वेश का विवाह संपन्न हुआ। बुधवार दोपहर दुल्हन की विदाई हेलीकॉप्टर से कराई गई। आदमपुर स्थित सिंहवाहिनी महाविद्यालय के मैदान में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग कराई गई। धूल न उड़े, इसके लिए पहले से पानी का छिड़काव कराया गया था।
दूल्हा निर्वेश राजपूत ने बताया कि उनके पिता सतेंद्र राजपूत और बाबा स्व. दया किशन राजपूत की लंबे समय से इच्छा थी कि परिवार की बहू हेलीकॉप्टर से ससुराल आए। परिवार की इस इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने विशेष व्यवस्था कराई। दुल्हन स्वाति (आकांक्षा) राजपूत ने कहा कि हेलीकॉप्टर से विदाई उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि वह स्वयं को सौभाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें ऐसा परिवार मिला, जिसने उनकी विदाई को इतना यादगार बना दिया। वहीं, हेलीकॉप्टर से दुल्हन की विदाई पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। लोग इसे बदलते दौर में शादी समारोहों में बढ़ती नई परंपराओं का उदाहरण बता रहे हैं।
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कस्बे के आदमपुर स्थित सिंहवाहिनी महाविद्यालय के प्रबंधक सतेंद्र राजपूत के पुत्र निर्वेश राजपूत की बरात मंगलवार को जनपद महोबा के चरखारी क्षेत्र स्थित भटेवरा कलां गांव गई थी। वहां देशपत राजपूत की पुत्री आकांक्षा राजपूत के साथ निर्वेश का विवाह संपन्न हुआ। बुधवार दोपहर दुल्हन की विदाई हेलीकॉप्टर से कराई गई। आदमपुर स्थित सिंहवाहिनी महाविद्यालय के मैदान में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग कराई गई। धूल न उड़े, इसके लिए पहले से पानी का छिड़काव कराया गया था।
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दूल्हा निर्वेश राजपूत ने बताया कि उनके पिता सतेंद्र राजपूत और बाबा स्व. दया किशन राजपूत की लंबे समय से इच्छा थी कि परिवार की बहू हेलीकॉप्टर से ससुराल आए। परिवार की इस इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने विशेष व्यवस्था कराई। दुल्हन स्वाति (आकांक्षा) राजपूत ने कहा कि हेलीकॉप्टर से विदाई उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि वह स्वयं को सौभाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें ऐसा परिवार मिला, जिसने उनकी विदाई को इतना यादगार बना दिया। वहीं, हेलीकॉप्टर से दुल्हन की विदाई पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। लोग इसे बदलते दौर में शादी समारोहों में बढ़ती नई परंपराओं का उदाहरण बता रहे हैं।
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शादी के बाद दुल्हन हेलीकॉप्टर से विदा होकर ससुराल आई। उसे देखने के लिए ग्रामीणाें की भीड़ उमड़ पड़ी।