मानव तस्करी: मुफलिसी में किशोरी ने छोड़ा घर, फिर 50 हजार रुपये में बेच दी गई, चार आरोपी गिरफ्तार
यूपी के औरैया जिले में पुलिस ने मानव तस्करी में संलिप्त गिरोह का भंडाफोड़ किया है। 14 महीने से लापता किशोरी को पुलिस ने बरामद कर लिया है। साथ ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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लापता किशोरी की तलाश में जुटी पुलिस ने मानव तस्करी में संलिप्त गिरोह का भंडाफोड़ किया है। लापता किशोरी को पुलिस ने दो महिलाओं व दो युवकों के साथ तलाश कर लिया। किशोरी को 50 हजार रुपये में कानपुर देहात के पुखरायां निवासी युवक के हाथों बेच कर शादी कराई गई थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेजकर पीड़िता का डाॅक्टरी परीक्षण कराया है। एक आरोपी का डीएनए परीक्षण भी कराया जा रहा है।
अपर पुलिस अधीक्षक दिगंबर कुशवाहा ने बताया कि गांव से 17 मई 2022 को 15 वर्षीय किशोरी घर से लापता हो गई थी। किशोरी के पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस किशोरी की तलाश कर रही थी। सोमवार को दिबियापुर थाने के प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक पूजा सोलंकी ने पुलिस टीम के साथ बैसुंधरा मोड़ पर कानपुर देहात के आंबेडकर नगर, पुखरायां निवासी धीरू वाल्मीक, उसकी दादी केशवती , चाचा जिले के सहायल निवासी अरूण, दादी की बहन ममता को किशोरी के साथ पकड़ लिया।
पूछताछ में किशोरी ने बताया कि मुफलिसी के कारण वह वह घर से 14 महीने पहले चली गई थी। इसी दौरान फफूंद चौराहे पर वह ममता से मिली। ममता के साथ उसके घर सहायल चली गई। यहीं पर वह उसके साथ रह रही थी। आरोप लगाया कि एक जुलाई को ममता ने अपनी बहन केशवती को उसे 50 हजार रुपये में बेच दिया। इसके बाद जबरन केशवती के पौत्र धीरू के साथ शादी करा दी गई थी। किशोरी का आरोप है कि धीरू उसके साथ बलात्कार करता था।
पुलिस पूछताछ में किशोरी ने बताया कि वह 17 मई 2022 से ममता के पास सहायल में ही थी। कुछ दिन पहले ही उसकी शादी कराई गई है। सवाल यह है कि पुलिस भले ही लापता किशोरी की बरामदगी के प्रयास किए जाने का दावा कर रही है, मगर 14 महीनें से सहायल में होने के बाद भी पुलिस उसे नहीं खोज सकी। यदि पुलिस समय से सक्रियता दिखाती तो शायद किशोरी बेची न जाती और उसके साथ यह घटना नहीं हुई होती। इस सवाल पर पुलिस के अधिकारी चुप्पी साधे रहे।
मां-बाप के न होने की कही थी बात
ममता ने पुलिस हिरासत में बताया कि फफूंद चौराहे पर मिली किशोरी ने उसे बताया था कि उसके मातापिता नहीं है। दूसरी बिरादरी की होने के बाद भी वह उसके साथ रजामंदी पर चली गई। यहीं पर साथ रह रही थी। इसी बीच उसके घर बसाने के लिए अपनी बहन केशवती के पौत्र धीरू से उसकी शादी कर दी।