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औरैया: बढ़ुआ नाले में बह रहे केमिकल से भड़की आग, ऊंची लपटें और काले धुएं के गुबार से मची अफरा-तफरी
Sun, 27 Sep 2026 04:45 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 27 Sep 2026 04:45 PM IST
सार
Auraiya News: नाले में केमिकल से आग भड़क गई। ग्रामीणों ने प्लांट पर केमिकलयुक्त पानी बहाने का आरोप लगाया है।
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नाले में भड़की आग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फफूंद-पाता रोड स्थित बढ़ुआ नाले की पुलिया के पास रविवार दोपहर बह रहे केमिकलयुक्त पानी में अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही देर में आग नाले के किनारे झाड़ियों तक पहुंच गई। काले धुएं के गुबार और भीषण लपटें उठती देख आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। नाले पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस और पाता प्लांट के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पाता प्लांट और औरैया से दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
खानपुर और बनके पुरवा के बीच गेल पाता प्लांट की बाउंड्री के किनारे पानी निकासी के लिए नाला बना है। यह नाला बढ़ुआ गांव के पास दूसरे नाले में गिरता है। ग्रामीणों के मुताबिक, प्लांट का वेस्टेज पानी भी इसी नाले में जाता है। रविवार को इसी पानी में आग भड़कने के बाद झाड़ियों तक फैल गई।
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खानपुर-फफूंद पंचायत के ग्राम प्रधान अशोक चक समेत भारत सिंह राजपूत, पवन चक्रवर्ती, सोनू यादव, इंदू सक्सेना, सौरभ चक्रवर्ती, ब्रजेश कुमार, पवन सक्सेना और नीलेश कुमार ने गेल प्रशासन पर नाले में केमिकलयुक्त पानी छोड़ने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने बताया कि तीन साल पहले भी खानपुर में नाले में आग लगी थी। तब प्लांट अधिकारियों ने भविष्य में केमिकलयुक्त पानी नहीं छोड़ने का आश्वासन दिया था।ग्रामीणों ने कहा कि केमिकलयुक्त पानी से मवेशियों और जलीय जीवों को नुकसान की आशंका है। बारिश के कारण इस समय खेतों में फसल गीली है। फसल कटाई के दौरान ऐसी आग लगती तो सूखी फसल तक पहुंचने पर बड़ा नुकसान हो सकता था।
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खानपुर और बनके पुरवा के बीच गेल पाता प्लांट की बाउंड्री के किनारे पानी निकासी के लिए नाला बना है। यह नाला बढ़ुआ गांव के पास दूसरे नाले में गिरता है। ग्रामीणों के मुताबिक, प्लांट का वेस्टेज पानी भी इसी नाले में जाता है। रविवार को इसी पानी में आग भड़कने के बाद झाड़ियों तक फैल गई।
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खानपुर-फफूंद पंचायत के ग्राम प्रधान अशोक चक समेत भारत सिंह राजपूत, पवन चक्रवर्ती, सोनू यादव, इंदू सक्सेना, सौरभ चक्रवर्ती, ब्रजेश कुमार, पवन सक्सेना और नीलेश कुमार ने गेल प्रशासन पर नाले में केमिकलयुक्त पानी छोड़ने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने बताया कि तीन साल पहले भी खानपुर में नाले में आग लगी थी। तब प्लांट अधिकारियों ने भविष्य में केमिकलयुक्त पानी नहीं छोड़ने का आश्वासन दिया था।ग्रामीणों ने कहा कि केमिकलयुक्त पानी से मवेशियों और जलीय जीवों को नुकसान की आशंका है। बारिश के कारण इस समय खेतों में फसल गीली है। फसल कटाई के दौरान ऐसी आग लगती तो सूखी फसल तक पहुंचने पर बड़ा नुकसान हो सकता था।
फॉरेंसिक टीम ने लिए केमिकल के नमूने
गेल इंडिया लिमिटेड पाता प्लांट से निकल रहे वेस्ट पानी में ज्वलनशील केमिकल होने की आशंका के बीच अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। सीओ फायर तेजवीर सिंह, सीओ अजीतमल शैलेंद्र सिंह, एसडीएम सदर ब्रह्मानंदन और थानाध्यक्ष अजय कुमार ने नाले के किनारे पहुंचकर प्लांट से पानी आने वाले स्थान को देखा। अधिकारियों ने गेल के कर्मचारियों को पानी का प्रवाह बंद कराने के निर्देश दिए। फॉरेंसिक टीम ने जांच के लिए तीन बोतलों में पानी के नमूने लिए। ग्रामीणों ने बताया पानी में केमिकल साफ दिखाई दे रहा था और तेज दुर्गंध आ रही थी। यह पानी आगे सेंगर नदी में गिरता है।
गेल इंडिया लिमिटेड पाता प्लांट से निकल रहे वेस्ट पानी में ज्वलनशील केमिकल होने की आशंका के बीच अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। सीओ फायर तेजवीर सिंह, सीओ अजीतमल शैलेंद्र सिंह, एसडीएम सदर ब्रह्मानंदन और थानाध्यक्ष अजय कुमार ने नाले के किनारे पहुंचकर प्लांट से पानी आने वाले स्थान को देखा। अधिकारियों ने गेल के कर्मचारियों को पानी का प्रवाह बंद कराने के निर्देश दिए। फॉरेंसिक टीम ने जांच के लिए तीन बोतलों में पानी के नमूने लिए। ग्रामीणों ने बताया पानी में केमिकल साफ दिखाई दे रहा था और तेज दुर्गंध आ रही थी। यह पानी आगे सेंगर नदी में गिरता है।