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थाने पर हमला, रिवाल्वर छीन दरोगा पर तानी
अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 03 Aug 2015 01:39 AM IST
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पांच हजार के इनामी लुटेरे सनी उर्फ पारस मिश्रा को पकड़ने और पीटने का आरोप लगाकर उसके परिवार की महिलाओं और मुहल्ले के लोगों ने रविवार शाम हरबंश मोहाल थाने पर हमला बोल दिया। थाने में घुसकर तोड़फोड़ की। पुलिसकर्मियों को लाठी-डंडे से पीटा।
एक महिला कांस्टेबल का गला दबाने की कोशिश की और एक दरोगा का रिवाल्वर छीनकर उसी पर तान दिया। मुंशी को दफ्तर में बंद कर दिया। अचानक महिलाओं के हमले से थाने में अफरा-तफरी मच गई। हमले के वक्त थानेदार थाने में नहीं थे। सूचना पाकर वे, एसपी पूर्वी देवरंजन वर्मा, कलक्टरगंज सीओ ममता कुरील कई थानों की फोर्स के साथ पहुंची और हमलावरों को खदेड़ा।
पिटाई से एक एसआई समेत छह पुलिसकर्मियों को चोट आई हैं। इन्हें अस्पताल भेजा गया है। इधर, लुटेरा सनी माल रोड के नार्थ ईस्ट हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती है। पुलिस का कहना है कि सनी को किसने और क्यों पीटा, उसे अस्पताल में किसने भर्ती कराया? इस बारे में छानबीन की जा रही है।
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उसे पुलिस ने नहीं पीटा है। वीआईपी रोड सिविल लाइंस में 7 मई को केनरा बैंक केबाहर नौ लाख रुपये की लूट हुई थी। पुलिस की छानबीन में शुक्लागंज निवासी दीपक मिश्रा और उसके चचेरे भाई सनी उर्फ पारस मिश्रा का नाम इस लूट में खुला था। कोतवाली पुलिस दीपक को गिरफ्तार करकेजेल भेज चुकी है। जबकि सनी फरार चल रहा था। एसएसपी ने उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। सनी की पत्नी रीना के मुताबिक गुरुवार को पुलिस ने सनी को कंचन नगर शुक्लागंज स्थित बीयर शाप से उठाया था।
तब से कोतवाली और हरबंश मोहाल थाने में पुलिस सनी से पूछताछ कर रही थी। रीना के मुताबिक वह बच्ची कनक, ननद पायल के साथ शुक्रवार और शनिवार को कोतवाली एवं हरबंश मोहाल थाने गईं। पुलिस ने उन लोगों घंटों बिठाए रखा लेकिन सनी से मुलाकात नहीं कराई।
शनिवार देर शाम हरबंश मोहाल पुलिस ने उनसे सनी के कपड़े मंगाए। रविवार दोपहर उन्होंने थाने में फोन करकेसनी के बारे में पूछा तो बताया गया कि सनी बड़ा चौराहा पर उर्सला के पास बेहोशी की हालत में मिला है, उसे नार्थ ईस्ट हास्पिटल में भर्ती कराया गया है।
इस सूचना पर वह ननद पायल, परिवार अन्य लोगों और मुहल्ले वालों साथ शाम को हरबंश मोहाल थाने पहुंची। सनी के बारे में जानकारी मांगी जिस पर महिला कांस्टेबल नीतू सिंह भड़क गई। इस पर विवाद बढ़ गया। थाना प्रभारी घनश्याम यादव गश्त पर थे।
इसी बीच भीड़ ने थाने पर हमला बोल दिया। थाने में मौजूद एसआई विजय शुक्ला, कांस्टेबल सुधीर, कांस्टेबल कुलदीप, कांस्टेबल तहसीलदार (संतरी पहरा), महिला कांस्टेबल नीतू सिंह और अन्य पुलिसकर्मिंयों को लाठी-डंडे से पीटा। थाने के दफ्तर का टेलीफोन तोड़ डाला, कुर्सी मेज पलट दीं और कागजात इधर-उधर फेंक दिए। भीड़ ने कांस्टेबल मुंशी जमाल को दफ्तर में बंद कर बाहर की कुंडी लगा दी।
महिलाओं को हमलावर देख पुलिसकर्मी भी बचते नजर आए। थाने पर हमले की सूचना पाकर पुलिस अफसर कलक्टरगंज, कैंट और कोतवाली सर्किल के थानों की फोर्स के साथ हरबंश मोहाल थाने पहुंचे और लाठी पटककर भीड़ को तितर बितर किया। एसओ घनश्याम यादव ने बताया कि सनी की पत्नी रीना ने 25-30 लोगों के साथ पुलिसकर्मियों को पीटा है। तोड़फोड़ की है। हमला करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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एक महिला कांस्टेबल का गला दबाने की कोशिश की और एक दरोगा का रिवाल्वर छीनकर उसी पर तान दिया। मुंशी को दफ्तर में बंद कर दिया। अचानक महिलाओं के हमले से थाने में अफरा-तफरी मच गई। हमले के वक्त थानेदार थाने में नहीं थे। सूचना पाकर वे, एसपी पूर्वी देवरंजन वर्मा, कलक्टरगंज सीओ ममता कुरील कई थानों की फोर्स के साथ पहुंची और हमलावरों को खदेड़ा।
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पिटाई से एक एसआई समेत छह पुलिसकर्मियों को चोट आई हैं। इन्हें अस्पताल भेजा गया है। इधर, लुटेरा सनी माल रोड के नार्थ ईस्ट हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती है। पुलिस का कहना है कि सनी को किसने और क्यों पीटा, उसे अस्पताल में किसने भर्ती कराया? इस बारे में छानबीन की जा रही है।
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उसे पुलिस ने नहीं पीटा है। वीआईपी रोड सिविल लाइंस में 7 मई को केनरा बैंक केबाहर नौ लाख रुपये की लूट हुई थी। पुलिस की छानबीन में शुक्लागंज निवासी दीपक मिश्रा और उसके चचेरे भाई सनी उर्फ पारस मिश्रा का नाम इस लूट में खुला था। कोतवाली पुलिस दीपक को गिरफ्तार करकेजेल भेज चुकी है। जबकि सनी फरार चल रहा था। एसएसपी ने उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। सनी की पत्नी रीना के मुताबिक गुरुवार को पुलिस ने सनी को कंचन नगर शुक्लागंज स्थित बीयर शाप से उठाया था।
तब से कोतवाली और हरबंश मोहाल थाने में पुलिस सनी से पूछताछ कर रही थी। रीना के मुताबिक वह बच्ची कनक, ननद पायल के साथ शुक्रवार और शनिवार को कोतवाली एवं हरबंश मोहाल थाने गईं। पुलिस ने उन लोगों घंटों बिठाए रखा लेकिन सनी से मुलाकात नहीं कराई।
शनिवार देर शाम हरबंश मोहाल पुलिस ने उनसे सनी के कपड़े मंगाए। रविवार दोपहर उन्होंने थाने में फोन करकेसनी के बारे में पूछा तो बताया गया कि सनी बड़ा चौराहा पर उर्सला के पास बेहोशी की हालत में मिला है, उसे नार्थ ईस्ट हास्पिटल में भर्ती कराया गया है।
इस सूचना पर वह ननद पायल, परिवार अन्य लोगों और मुहल्ले वालों साथ शाम को हरबंश मोहाल थाने पहुंची। सनी के बारे में जानकारी मांगी जिस पर महिला कांस्टेबल नीतू सिंह भड़क गई। इस पर विवाद बढ़ गया। थाना प्रभारी घनश्याम यादव गश्त पर थे।
इसी बीच भीड़ ने थाने पर हमला बोल दिया। थाने में मौजूद एसआई विजय शुक्ला, कांस्टेबल सुधीर, कांस्टेबल कुलदीप, कांस्टेबल तहसीलदार (संतरी पहरा), महिला कांस्टेबल नीतू सिंह और अन्य पुलिसकर्मिंयों को लाठी-डंडे से पीटा। थाने के दफ्तर का टेलीफोन तोड़ डाला, कुर्सी मेज पलट दीं और कागजात इधर-उधर फेंक दिए। भीड़ ने कांस्टेबल मुंशी जमाल को दफ्तर में बंद कर बाहर की कुंडी लगा दी।
महिलाओं को हमलावर देख पुलिसकर्मी भी बचते नजर आए। थाने पर हमले की सूचना पाकर पुलिस अफसर कलक्टरगंज, कैंट और कोतवाली सर्किल के थानों की फोर्स के साथ हरबंश मोहाल थाने पहुंचे और लाठी पटककर भीड़ को तितर बितर किया। एसओ घनश्याम यादव ने बताया कि सनी की पत्नी रीना ने 25-30 लोगों के साथ पुलिसकर्मियों को पीटा है। तोड़फोड़ की है। हमला करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।