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संडे के दिन बंद रहे एटीएम, कैश की तलाश में हांफे ग्राहक
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 27 Nov 2016 10:18 PM IST
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रविवार को बैंक बंद होने से लोगों को उम्मीद थी कि एटीएम से रुपये निकाल कर गृहस्थी चलाई जाएगी लेकिन मुख्यालय में बैंकों के एटीएम बंद रहने से बैंक उपभोक्ता निराश हो गये। मऊ में एक एटीएम के चलने से लोगों को राहत मिली।
नोट बंदी होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के बैंक के एटीएम क ारगर साबित नहीं हो रहे हैं हुए। रविवार को अधिकतर एटीएम बंद रहे। किसानों, मजदूरों, व्यापारियों को जरूरत के मुताबिक रकम न मिलने से लोगों में नाराजगी रही। मऊ कस्बे में एक ही एटीएम खुला जबकि शहर में दोपहर बाद एक एटीएम खुलने पर लंबी लाइनें लगाकर लोगों ने रुपये निकाले। जिसमें लंबी लाइन लगाने के बाद भी मात्र दो हजार रुपये निकलने से निराश हो गये।
सहालग होने से रिश्तेदारों के आने जाने के लिए किराया तक के लिए जब रुपये नहीं निकला तो निराश हो गये। मऊ, मानिकपुर, शिवरामपुर, भरतकूप, खोही, भौरी आदि क्षेत्र के ग्रामीण सबसे अधिक परेशान दिखे। उनका कहना था कि इस समय रबी की खेती के लिए रुपये की सख्त जरूरत है। उधर, रविवार को एटीएम से रुपये निकालने आए राजेश सिंह, लवलेश पटेल, रोहित आदि ने बताया कि सहालग होने से रिश्तेदारों के यहां जाना है। रुपये न होने से शादी में न जाने की सोच रहे हैं।
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नोट बंदी होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के बैंक के एटीएम क ारगर साबित नहीं हो रहे हैं हुए। रविवार को अधिकतर एटीएम बंद रहे। किसानों, मजदूरों, व्यापारियों को जरूरत के मुताबिक रकम न मिलने से लोगों में नाराजगी रही। मऊ कस्बे में एक ही एटीएम खुला जबकि शहर में दोपहर बाद एक एटीएम खुलने पर लंबी लाइनें लगाकर लोगों ने रुपये निकाले। जिसमें लंबी लाइन लगाने के बाद भी मात्र दो हजार रुपये निकलने से निराश हो गये।
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सहालग होने से रिश्तेदारों के आने जाने के लिए किराया तक के लिए जब रुपये नहीं निकला तो निराश हो गये। मऊ, मानिकपुर, शिवरामपुर, भरतकूप, खोही, भौरी आदि क्षेत्र के ग्रामीण सबसे अधिक परेशान दिखे। उनका कहना था कि इस समय रबी की खेती के लिए रुपये की सख्त जरूरत है। उधर, रविवार को एटीएम से रुपये निकालने आए राजेश सिंह, लवलेश पटेल, रोहित आदि ने बताया कि सहालग होने से रिश्तेदारों के यहां जाना है। रुपये न होने से शादी में न जाने की सोच रहे हैं।
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