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Atiq Shot Dead: लवलेश के घर पर ताला, पुलिस ने साधी चुप्पी, कोई नहीं बता सका कहां गया परिवार

Tue, 18 Apr 2023 02:44 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 18 Apr 2023 02:44 PM IST
सार

माफिया अतीक की हत्या करने वाले लवलेश तिवारी के मोबाइल की पुलिस कॉल डिटेल खंगालने में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रयागराज एसटीएफ समेत सर्विलांस टीम ब्योरा जुटा रही है।

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Atiq Shot Dead: Locked at Lovelesh house
घर में लटक रहा ताला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी लवलेश तिवारी के घर पर सोमवार सुबह ताला लगा मिला। पुलिस भी इस पर चुप्पी साधे है। मोहल्लावासियों का कहना है कि जब सुबह आंख खुली तो घर पर ताला नजर आया। शनिवार रात माफिया अतीक को मौत के घाट उतारने वाला लवलेश रातोंरात सुर्खियों में आ गया। रविवार को शहर के क्योटरा स्थित किराए के घर के बाहर मीडिया कर्मियों का जमघट लगा रहा है।

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फिर पुलिस का पहरा हो गया। घर में सिर्फ पिता यज्ञ कुमार तिवारी, मां आशा तिवारी और छोटा भाई वेद तिवारी थे। सोमवार की सुबह पूरा नजारा ही बदल गया। घर पर ताला लटक रहा था। कोई ये नहीं बता सका परिवार कहां है। पुलिस साथ ले गई या खुद ताला डालकर चले गए। घर के दूसरे हिस्से में रहने वाली महिला ने सिर्फ इतना बताया कि जब सुबह उठे तो ताला पड़ा मिला, जबकि रातभर पुलिस घर के अंदर रही है। एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्रा का कहना है कि लवलेश से संबंधित कोई भी जानकारी देने पर रोक है। फिलहाल घटना प्रयागराज की है। वहां की पुलिस अपना काम कर रही है। यहां से कोई लेना-देना नहीं है।

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पुलिस जुटा रही लवलेश का ब्योरा
माफिया अतीक की हत्या करने वाले लवलेश तिवारी के मोबाइल की पुलिस कॉल डिटेल खंगालने में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रयागराज एसटीएफ समेत सर्विलांस टीम ब्योरा जुटा रही है। साथ ही घर से लवलेश कब गया और कहां गया? इसका पता किया जा रहा है।

ज्यादा रुपये कमाने और शानदार घर की थी चाहत
क्योटरा निवासी लवलेश तिवारी धार्मिक प्रवृत्ति का था। नियमित शाम को संकट मोचन मंदिर की सफाई करता था। मंदिर के आसपास वालों ने बताया कि उसके सपने बड़े थे। ज्यादा से ज्यादा रुपये कमाने की चाहत रखता था। किसी को ये नहीं पता था कि उसके दिमाग में क्या चल रहा है। घटना से छह दिन पहले शाम को मंदिर की सफाई की और घरवालों को बिना बताए चला गया। पिता और भाई उसे ढूंढने भी आए, लेकिन पता नहीं चला।

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