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Kanpur News: कहीं मीटर खराबी से रुका बिल, कहीं गलत बकायेदारी पर जारी की आरसी
Thu, 08 Oct 2026 01:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 08 Oct 2026 01:00 AM IST
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कानपुर देहात। बिजली निगम कर्मियों की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि खराब मीटर समय से बदले नहीं जा रहे हैं। वहीं कई मामलों में मनमानी रीडिंग भरकर उपभोक्ताओं को बकाएदार बनाकर आरसी जारी की जा रही है। खामियां दुरुस्त कराने को उपभोक्ता कार्यालयों में चक्कर लगा रहे हैं।
बिजली निगम कर्मी उपभोक्ता सेवाओं के प्रति संजीदा नहीं हैं। इसकी वजह से आए दिन शिकायतें आती रहती हैं। मीटर रीडिंग से बिलिंग के सख्त निर्देश हैं लेकिन कहीं बिलिंग एजेंसी तो कहीं मीटर रीडर खेल कर रहे हैं। जिम्मेदार ठीक से निगरानी नहीं कर पा रहे हैं। जबकि कई मामलों में गलत रीडिंग के आधार पर बकाएदारी होने और बाद में आरसी जारी कर दी जा रही है। जिले की छह तहसीलों में माह में दो बार संपूर्ण समाधान दिवस की सुनवाई में बिजली निगम से जुड़ी 30 से अधिक शिकायतें दर्ज होती हैं। पूरे साल में 360 से अधिक शिकायतों का औसत है। मीटर खराब होने और रीडिंग से बिल नहीं निकल पाने की शिकायतें अधिक हैं।
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बयान...
मीटर खराबी से बिल नहीं निकलने या फिर गलत बिलिंग की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बिल में गलती पर संशोधन का विकल्प है। यदि गलत रीडिंग पर आरसी जारी हुई है, तो इसे वापस लिया जाएगा। - बृजेंद्र कुमार, नोडल एक्सईएन कानपुर देहात
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केस एक :
रीडिंग से इतर बिल बना जारी कर दी आरसी
रनियां खंड के अंतर्गत बारा उपकेंद्र से जुड़े उमरन गांव में कमलेश तिवारी के कनेक्शन पर लगे मीटर की रीडिंग में खेल कर दिया गया। रीडर ने मनमानी रीडिंग भर कर बिल जारी कर दिया। बिजली निगम के अधिकारियों ने भी सत्यापन कराने की जरूरत नहीं समझी। बकाया 33925 रुपये की 21 अगस्त 2026 को आरसी (वसूली) जारी कर दी।
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केस दो :
मीटर है खराब नहीं निकल पा रहा बिल
अकबरपुर के कुईतखेड़ा निवासी सपना के घर पर लगा बिजली मीटर एक माह से खराब है। स्क्रीन पर रीडिंग नहीं लिखने से रीडर बिल नहीं निकाल पा रहा है। सपना कई बार दूसरा मीटर लगाने की गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन मीटर नहीं लग सका है।
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केस तीन :
दर्ज कर दी गलत मीटर संख्या, भुगत रहा उपभोक्ता
अयोध्यानगर अकबरपुर निवासी सैफीन के कनेक्शन पर गलत मीटर संख्या दर्ज कर दी गई। स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान हुई इस खामी की वजह से सैफीन को गलत बिल भेजा जा रहा है। परेशान सैफीन ने जांच कराकर सही मीटर संख्या मैप करने की गुहार लगाई है।
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जानें रीडिंग में गलती की वजह
प्रोब (डिवाइस) के जरिये मीटर से बिजली उपयोग की शुद्ध रीडिंग ली जाती है। हालांकि प्रोब लगाकर मोबाइल एप पर मीटर की रीडिंग लेने में थोड़ा समय लगता है। हालांकि इसमें रीडर को मैनुअल तरीके से रीडिंग भरने की जरूरत नहीं पड़ती है। एप सीधे चिप से रीडिंग ले लेता है। समय अधिक लगने के चलते ज्यादातर मीटर रीडर मीटर की स्क्रीन पर दिख रही रीडिंग मैनुअल दर्ज कर बिल निकालते हैं। इसमें गलत रीडिंग फीड होने की आशंका रहती है। तमाम मामलों में गलत रीडिंग की फीडिंग से गलत बिलिंग होती है। वहीं, जानकारों का कहना है कि कई बार मीटर रीडर मौके पर जाए बिना ही घर बैठे ही मनमानी रीडिंग भरकर बिल निकाल देते हैं। इसकी वजह से भी गलत बिलिंग के मामले बढ़े हैं।
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बिजली निगम कर्मी उपभोक्ता सेवाओं के प्रति संजीदा नहीं हैं। इसकी वजह से आए दिन शिकायतें आती रहती हैं। मीटर रीडिंग से बिलिंग के सख्त निर्देश हैं लेकिन कहीं बिलिंग एजेंसी तो कहीं मीटर रीडर खेल कर रहे हैं। जिम्मेदार ठीक से निगरानी नहीं कर पा रहे हैं। जबकि कई मामलों में गलत रीडिंग के आधार पर बकाएदारी होने और बाद में आरसी जारी कर दी जा रही है। जिले की छह तहसीलों में माह में दो बार संपूर्ण समाधान दिवस की सुनवाई में बिजली निगम से जुड़ी 30 से अधिक शिकायतें दर्ज होती हैं। पूरे साल में 360 से अधिक शिकायतों का औसत है। मीटर खराब होने और रीडिंग से बिल नहीं निकल पाने की शिकायतें अधिक हैं।
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बयान...
मीटर खराबी से बिल नहीं निकलने या फिर गलत बिलिंग की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बिल में गलती पर संशोधन का विकल्प है। यदि गलत रीडिंग पर आरसी जारी हुई है, तो इसे वापस लिया जाएगा। - बृजेंद्र कुमार, नोडल एक्सईएन कानपुर देहात
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केस एक :
रीडिंग से इतर बिल बना जारी कर दी आरसी
रनियां खंड के अंतर्गत बारा उपकेंद्र से जुड़े उमरन गांव में कमलेश तिवारी के कनेक्शन पर लगे मीटर की रीडिंग में खेल कर दिया गया। रीडर ने मनमानी रीडिंग भर कर बिल जारी कर दिया। बिजली निगम के अधिकारियों ने भी सत्यापन कराने की जरूरत नहीं समझी। बकाया 33925 रुपये की 21 अगस्त 2026 को आरसी (वसूली) जारी कर दी।
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केस दो :
मीटर है खराब नहीं निकल पा रहा बिल
अकबरपुर के कुईतखेड़ा निवासी सपना के घर पर लगा बिजली मीटर एक माह से खराब है। स्क्रीन पर रीडिंग नहीं लिखने से रीडर बिल नहीं निकाल पा रहा है। सपना कई बार दूसरा मीटर लगाने की गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन मीटर नहीं लग सका है।
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केस तीन :
दर्ज कर दी गलत मीटर संख्या, भुगत रहा उपभोक्ता
अयोध्यानगर अकबरपुर निवासी सैफीन के कनेक्शन पर गलत मीटर संख्या दर्ज कर दी गई। स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान हुई इस खामी की वजह से सैफीन को गलत बिल भेजा जा रहा है। परेशान सैफीन ने जांच कराकर सही मीटर संख्या मैप करने की गुहार लगाई है।
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जानें रीडिंग में गलती की वजह
प्रोब (डिवाइस) के जरिये मीटर से बिजली उपयोग की शुद्ध रीडिंग ली जाती है। हालांकि प्रोब लगाकर मोबाइल एप पर मीटर की रीडिंग लेने में थोड़ा समय लगता है। हालांकि इसमें रीडर को मैनुअल तरीके से रीडिंग भरने की जरूरत नहीं पड़ती है। एप सीधे चिप से रीडिंग ले लेता है। समय अधिक लगने के चलते ज्यादातर मीटर रीडर मीटर की स्क्रीन पर दिख रही रीडिंग मैनुअल दर्ज कर बिल निकालते हैं। इसमें गलत रीडिंग फीड होने की आशंका रहती है। तमाम मामलों में गलत रीडिंग की फीडिंग से गलत बिलिंग होती है। वहीं, जानकारों का कहना है कि कई बार मीटर रीडर मौके पर जाए बिना ही घर बैठे ही मनमानी रीडिंग भरकर बिल निकाल देते हैं। इसकी वजह से भी गलत बिलिंग के मामले बढ़े हैं।