असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती मामला: एकेटीयू ने माना निरस्त किए गए थे आवेदन, रिजेक्ट अभ्यर्थियों को एचबीटीयू ने नौकरी के लिए चुना
हाल ही में एचबीटीयू में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में मानकों का मामला सामने आया था। एकेटीयू ने दोनों अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त होने की जानकारी दी है, जिन्हें एचबीटीयू ने नौकरी के लिए चुना है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी, एचबीटीयू में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती में गड़बड़ियों की जांच शुरू हो गई है। जांच के दौरान कमेटी ने एकेटीयू के कुलपति को पत्र लिखकर दो अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी हासिल की है। एकेटीयू ने कारण बताते हुए दोनों अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त होने की जानकारी दी है। जबकि इन दोनों अभ्यर्थियों को एचबीटीयू ने नौकरी के लिए चुना है।
एचबीटीयू में भर्ती प्रक्रिया में रिजेक्ट किए गए अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया था कि नियमानुसार भर्ती नहीं की गई है। अमर उजाला ने इस मामले का खुलासा किया तो प्राविधिक शिक्षा मंत्री सुभाष चंद्र शर्मा ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की थी। अभ्यर्थियों का आरोप था कि जिन अभ्यर्थियों को एकेटीयू ने निरस्त कर दिया था, उन्हें एचबीटीयू ने किस आधार पर चुना।
जांच कमेटी ने 10 जून को एकेटीयू के कुलपति प्रो. पीके मिश्रा को पत्र भेजकर रिजेक्ट किए गए अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी मांगी थी। 13 जून को आए जवाब आया कि एक महिला अभ्यर्थी की पीएचडी संबंधित ब्रांच से नहीं थी और साथ ही उनके जनरल पेपर की भी संख्या कम थी। वहीं, दूसरे अभ्यर्थी का अनुभव काफी कम था। कमेटी जल्द जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
बांटे जा रहे ऑफर लेटर
एचबीटीयू में जिन विभागों में नियुक्तियां हुई हैं, उनको ऑफर लेटर बांटे जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि ऑफर लेटर देने की इतनी जल्दी है कि अभ्यर्थियों को मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने तक का समय तक नहीं दिया जा रहा है। इस पर कई अभ्यर्थियों ने नाराजगी भी जताई है।