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सिक्किम में तैनात कानपुर के लाल की मौत, शोकाकुल परिवार से मिले मंत्री सतीश महाना, बंधाया ढांढस
Fri, 03 May 2019 01:14 AM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 03 May 2019 01:14 AM IST
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जवान की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़
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कानपुर के नौबस्ता निवासी आर्मी जवान की मौत हो गई। वह सिक्किम में तैनात थे। गुरुवार को जवान का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा तो आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भारी संख्या में लोगों के साथ ही कैबिनेट मंत्री सतीश महाना शहीद जवान के घर पहुचे। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
सिक्कम में तैनात कानपुर के राजेश दीक्षित की मौत हो गई। उनको मलेरिया हो गया था। वह शहर के श्रीनगर गल्लामंडी नौबस्ता के रहने वाले थे। गुरुवार को जब जवान का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा तो आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भारी संख्या में लोगों के साथ ही कैबिनेट मंत्री सतीश महाना शहीद जवान के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। पिता अशोक दीक्षित व मां रानी दीक्षित का रो-रोकर बुरा हाल है।
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सिक्कम में तैनात कानपुर के राजेश दीक्षित की मौत हो गई। उनको मलेरिया हो गया था। वह शहर के श्रीनगर गल्लामंडी नौबस्ता के रहने वाले थे। गुरुवार को जब जवान का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा तो आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भारी संख्या में लोगों के साथ ही कैबिनेट मंत्री सतीश महाना शहीद जवान के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। पिता अशोक दीक्षित व मां रानी दीक्षित का रो-रोकर बुरा हाल है।
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सैनिक की मौत के बाद बदहवास पत्नी
सेना में हवलदार राजेश कुमार दीक्षित (27) की बुखार के बाद लिवर में संक्रमण होने से बुधवार को मौत हो गई। नौबस्ता के श्रीनगर निवासी राजेश सिक्किम में तैनात थे। गुरुवार को शव घर लाया गया तो कोहराम मच गया। ड्योढ़ी घाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
श्रीनगर निवासी राजेश के परिवार में पिता अशोक, मां रानी, पत्नी सुनीता और भाई विनय हैं। भाई ने बताया कि वर्ष 2013 में राजेश की पहली तैनाती पुणे में आर्मी इंटेलीजेंस में हुई थी। वर्तमान में वे सिक्किम में थे। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल की सुबह राजेश ने मां को फोन किया था। बताया था बुखार आ रहा है। 30 अप्रैल को राजेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक मई की सुबह उनकी मौत हो गई। राजेश ने दो साल पहले ही सुनीता से ही प्रेम विवाह किया था। नौकरी करने के साथ-साथ राजेश एसएसपी की भी तैयारी कर रहा था।
श्रीनगर निवासी राजेश के परिवार में पिता अशोक, मां रानी, पत्नी सुनीता और भाई विनय हैं। भाई ने बताया कि वर्ष 2013 में राजेश की पहली तैनाती पुणे में आर्मी इंटेलीजेंस में हुई थी। वर्तमान में वे सिक्किम में थे। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल की सुबह राजेश ने मां को फोन किया था। बताया था बुखार आ रहा है। 30 अप्रैल को राजेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक मई की सुबह उनकी मौत हो गई। राजेश ने दो साल पहले ही सुनीता से ही प्रेम विवाह किया था। नौकरी करने के साथ-साथ राजेश एसएसपी की भी तैयारी कर रहा था।