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यूपी: लाइसेंस धारकों की नहीं दी जानकारी, असलहा तस्कर की रिमांड खत्म, एटीएस ने भेजा जेल
Sun, 07 Mar 2021 10:05 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 07 Mar 2021 10:05 PM IST
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एटीएस इंस्पेक्टर पंकज अवस्थी झारखंड से राजकिशोर राय को लाए थे लखनऊ
- फोटो : amar ujala
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नक्सलियों को असलहा सप्लाई करने वाले बिहार निवासी राजकिशोर राय ने एटीएस की कस्टडी रिमांड के दौरान कई सवालों पर मुंह नहीं खोला। यह तक नहीं बताया है कि उसने किन-किन के लाइसेंसों पर असलहे खरीदकर पहुंचाए हैं। कुछ के नाम व पते एटीएस को तफ्तीश के दौरान ही मिले हैं।
जिनकी पुष्टि भी आरोपी ने सीधे तौर पर नहीं की है। लिहाज जो थोड़ी बहुत जानकारी लाइसेंसधारकों के बारे में एटीएस के पास है, उसके आधार पर बिहार पुलिस से मदद लेकर उनकी तलाश करेगी। कुछ लाइसेंस धारकों के फोटो भी पुलिस को भेजे हैं। पूछताछ के बाद राजकिशोर को जेल भेज दिया गया।
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जिनकी पुष्टि भी आरोपी ने सीधे तौर पर नहीं की है। लिहाज जो थोड़ी बहुत जानकारी लाइसेंसधारकों के बारे में एटीएस के पास है, उसके आधार पर बिहार पुलिस से मदद लेकर उनकी तलाश करेगी। कुछ लाइसेंस धारकों के फोटो भी पुलिस को भेजे हैं। पूछताछ के बाद राजकिशोर को जेल भेज दिया गया।
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पांच साल पहले शहर के चार गन हाउसों से राजकिशोर करीब तीस असलहे फर्जी लाइसेंसों पर खरीदकर ले गया था। नक्सलियों को असलहों की सप्लाई की थी। पिछले सप्ताह एटीएस ने झांरखंड से गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया था। एटीएस ने उसको चार दिन की रिमांड पर लिया था।
एक दिन कानपुर भी उसको लाया गया था। दुकानों की पहचान तो उसने की थी लेकिन अन्य जानकारियां एटीएस को नहीं दीं। एटीएस के सूत्रों के मुताबिक राजकिशोर ने यह नहीं बताया कि उसने किन-किन नामों के लाइसेंसों पर असलहों की खरीदारी की। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
लाइसेंस धारकों को भी शहर लाया था
पांच छह साल पहले राजकिशोर ने जब कानपुर आकर असलहों की खरीदारी शुरू की तो वह गन हाउस मालिक के होटल में ही रुकता था। सूत्रों के मुताबिक उसके साथ कई लाइसेंस धारक भी यहां आए थे। वे भी साथ गन हाउस जाकर असलहों की खरीदारी करते थे। इनके बारे में भी एटीएस ने तफ्तीश शुरू की है।
एक दिन कानपुर भी उसको लाया गया था। दुकानों की पहचान तो उसने की थी लेकिन अन्य जानकारियां एटीएस को नहीं दीं। एटीएस के सूत्रों के मुताबिक राजकिशोर ने यह नहीं बताया कि उसने किन-किन नामों के लाइसेंसों पर असलहों की खरीदारी की। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
लाइसेंस धारकों को भी शहर लाया था
पांच छह साल पहले राजकिशोर ने जब कानपुर आकर असलहों की खरीदारी शुरू की तो वह गन हाउस मालिक के होटल में ही रुकता था। सूत्रों के मुताबिक उसके साथ कई लाइसेंस धारक भी यहां आए थे। वे भी साथ गन हाउस जाकर असलहों की खरीदारी करते थे। इनके बारे में भी एटीएस ने तफ्तीश शुरू की है।