{"_id":"699cb8c88cf9838b960d01ac","slug":"arbitrary-mutation-fee-to-be-abolished-relief-to-465-lakh-people-kanpur-news-c-12-1-knp1063-1436795-2026-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: मनमाना नामांतरण शुल्क होगा समाप्त, 4.65 लाख को राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: मनमाना नामांतरण शुल्क होगा समाप्त, 4.65 लाख को राहत
विज्ञापन
कानपुर। नगर निगम होली पर शहरवासियों को मनमाने नामांतरण शुल्क से राहत देगा। महापौर प्रमिला पांडेय ने 25 फरवरी को नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक बुलाई है। इसमें मनमाने शुल्क को समाप्त कर एक समान और निश्चित शुल्क लागू करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने पर 4.65 लाख की सुविधा मिलेगी। अमर उजाला ने पिछले साल एक फीसदी नामांतरण शुल्क का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था। एमएलसी अरुण पाठक ने यह मामला विधान परिषद में उठाया था। शासन ने भी इस पर रोक लगाते हुए एक समान शुल्क लागू करने का आश्वासन दिया था। 26 नवंबर को नगर निगम सदन में एक फीसदी शुल्क समाप्त करने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था। तय हुआ कि 266 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में नामांतरण के लिए साढ़े छह हजार रुपये शुल्क लिया जाएगा। इसमें पांच हजार रुपये नामांतरण, एक हजार रुपये आवेदन और 500 रुपये विज्ञापन शुल्क शामिल है।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि सदन के फैसले के बाद नगर निगम ने 45 दिन में आपत्तियां और सुझाव मांगे थे। मात्र दो आपत्तियां आई थीं। इनमें ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में शुल्क कम करने और विलंब शुल्क घटाने की मांग थी। दोनों आपत्तियां निस्तारित कर दी गई हैं। महापौर ने बताया कि 25 फरवरी की बैठक में प्रस्ताव स्वीकृत कराकर अगले महीने से यह व्यवस्था लागू होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
नई व्यवस्था लागू होने पर 4.65 लाख की सुविधा मिलेगी। अमर उजाला ने पिछले साल एक फीसदी नामांतरण शुल्क का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था। एमएलसी अरुण पाठक ने यह मामला विधान परिषद में उठाया था। शासन ने भी इस पर रोक लगाते हुए एक समान शुल्क लागू करने का आश्वासन दिया था। 26 नवंबर को नगर निगम सदन में एक फीसदी शुल्क समाप्त करने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था। तय हुआ कि 266 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में नामांतरण के लिए साढ़े छह हजार रुपये शुल्क लिया जाएगा। इसमें पांच हजार रुपये नामांतरण, एक हजार रुपये आवेदन और 500 रुपये विज्ञापन शुल्क शामिल है।
विज्ञापन
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि सदन के फैसले के बाद नगर निगम ने 45 दिन में आपत्तियां और सुझाव मांगे थे। मात्र दो आपत्तियां आई थीं। इनमें ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में शुल्क कम करने और विलंब शुल्क घटाने की मांग थी। दोनों आपत्तियां निस्तारित कर दी गई हैं। महापौर ने बताया कि 25 फरवरी की बैठक में प्रस्ताव स्वीकृत कराकर अगले महीने से यह व्यवस्था लागू होगी।
विज्ञापन