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Kanpur News: टैक्स विवादों की 50 लाख से कम मूल्य की अपीलें होंगी वापस
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कानपुर। सरकार ने टैक्स विवादों की 50 लाख से कम मूल्य की अपीलों को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। करदाताओं को राहत देते हुए इस तरह की अपीलें तीन महीने में वापस ली जाएंगी। सरकार के इस निर्णय से शहर के पांच हजार से ज्यादा करदाताओं को लाभ होगा।
वित्त मंत्रालय की ओर से आयकर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कम मूल्य की ऐसी अपीलें जो आयकर विभाग की ओर से दायर की गई हैं, उनको तीन महीनों में वापस लिया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य करदाताओं पर बोझ कम करना है। विवादों को तेजी से सुलझाना और टैक्स प्रशासन में सुधार लाना है। वर्तमान में कानपुर समेत देश भर में 5.77 लाख अपील लंबित हैं। इनमें से 2.25 लाख से अधिक मामलों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में निपटाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि लगभग 10 लाख करोड़ के विवादित टैक्स डिमांड का समाधान हो सकता है। अपीलों की नई सीमाएं तय की गई हैं। आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल (आईटीएटी) में अब 60 लाख मूल्य की अपील की जाएंगी। पहले यह राशि 50 लाख थी। इस तरह उच्च न्यायालय में अपील की धनराशि को एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की सीमा को पांच करोड़ कर दिया गया है। पहले यह सीमा दो करोड़ थी।
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कम मूल्य के मामलों को वापस लेने से करदाताओं को जल्दी राहत मिलेगी और उनकी लागत कम होगी। यह कदम लंबित मामलों की संख्या को कम करेगा। इससे न्यायिक प्रणाली पर बोझ कम होगा।
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-राजीव कुमार गुप्ता, पूर्व महामंत्री, कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन
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आयकर मामलों पर लागू होता है निर्देश
यह निर्देश केवल आयकर मामलों पर लागू होता है और जीएसटी और कस्टम अपीलों को इससे बाहर रखा गया है। इसके अलावा करदाताओं को अपनी अपील की स्थिति की जांच आईटी ई-फाइलिंग पोर्टल पर करनी चाहिए। कानपुर के पांच हजार से ज्यादा करदाताओं को राहत मिलेगी।
-सीए नितिन सिंह, उपसंयोजक, कानपुर सीएएस सीपीई स्टडी सर्किल
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वित्त मंत्रालय की ओर से आयकर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कम मूल्य की ऐसी अपीलें जो आयकर विभाग की ओर से दायर की गई हैं, उनको तीन महीनों में वापस लिया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य करदाताओं पर बोझ कम करना है। विवादों को तेजी से सुलझाना और टैक्स प्रशासन में सुधार लाना है। वर्तमान में कानपुर समेत देश भर में 5.77 लाख अपील लंबित हैं। इनमें से 2.25 लाख से अधिक मामलों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में निपटाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि लगभग 10 लाख करोड़ के विवादित टैक्स डिमांड का समाधान हो सकता है। अपीलों की नई सीमाएं तय की गई हैं। आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल (आईटीएटी) में अब 60 लाख मूल्य की अपील की जाएंगी। पहले यह राशि 50 लाख थी। इस तरह उच्च न्यायालय में अपील की धनराशि को एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की सीमा को पांच करोड़ कर दिया गया है। पहले यह सीमा दो करोड़ थी।
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कम मूल्य के मामलों को वापस लेने से करदाताओं को जल्दी राहत मिलेगी और उनकी लागत कम होगी। यह कदम लंबित मामलों की संख्या को कम करेगा। इससे न्यायिक प्रणाली पर बोझ कम होगा।
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-राजीव कुमार गुप्ता, पूर्व महामंत्री, कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन
आयकर मामलों पर लागू होता है निर्देश
यह निर्देश केवल आयकर मामलों पर लागू होता है और जीएसटी और कस्टम अपीलों को इससे बाहर रखा गया है। इसके अलावा करदाताओं को अपनी अपील की स्थिति की जांच आईटी ई-फाइलिंग पोर्टल पर करनी चाहिए। कानपुर के पांच हजार से ज्यादा करदाताओं को राहत मिलेगी।
-सीए नितिन सिंह, उपसंयोजक, कानपुर सीएएस सीपीई स्टडी सर्किल