{"_id":"584e8c804f1c1b686f6498c4","slug":"apna-dal-will-not-be-authorised-to-declaired-there-candidate","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां-बेटी के विवाद में फंसा अपना दल, प्रत्याशी घोषित करने पर चुनाव अायाेग की राेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां-बेटी के विवाद में फंसा अपना दल, प्रत्याशी घोषित करने पर चुनाव अायाेग की राेक
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 12 Dec 2016 11:56 PM IST
विज्ञापन
अनुप्रिया पटेल अाैर कृष्णा राज पटेल
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा चुनाव में अपना दल अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं कर सकेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के जिला निर्वाचन दफ्तर पहुंचे आदेश में कहा गया है कि किसी भी प्रत्याशी द्वारा इस दल के प्रत्याशी के रूप में दिए जाने वाला फार्म ए और फार्म बी मंजूर नहीं किया जाएगा। दरअसल फार्म ए में पार्टी का चुनाव चिह्न देने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष साइन करते हैं और फार्म बी में राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा नामित व्यक्ति और प्रत्याशी दोनों ही साइन करते हैं।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि आयोग ने निर्देश दिया है कि रजिस्ट्रीकृत अमान्यता प्राप्त राजनैतिक दल अपना दल के पदाधिकारियों के बीच आंतरिक विवादों के कारण आयोग के अभिलेख में आज के दिन इस दल का कोई अधिकृत पदाधिकारी नहीं है। आयोग के अभिलेख में इस दल के पदाधिकारियों की अनुमोदित सूची न होने के कारण किसी के द्वारा इस पार्टी का फार्म ए और फार्म बी देने पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम एलए समीर वर्मा ने बताया कि आदेश में कहा गया है कि रिटर्निंग ऑफीसर, सहायक रिटर्निंग ऑफीसर और संबंधित अफसरों के संज्ञान में लाते हुए इसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रदेश से केंद्रीय मंत्री और सांसद भी
पिछला लोकसभा चुनाव अपना दल ने भाजपा के साथ मिलकर लड़ा था। प्रदेश में अपना दल इकलौती पार्टी थी जिससे भाजपा ने गठबंधन किया था। भाजपा ने अपना दल को प्रदेश में दो सीटें मिर्जापुर और प्रतापगढ़ दी थीं। अपना दल ने दोनों ही सीटों पर जीत हासिल की थी। मिर्जापुर से अनुप्रिया पटेल और प्रतापगढ़ से कुंवर हरवंश सिंह सांसद चुने गए थे। अनुप्रिया पटेल को भाजपा ने केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया है। अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर अनुप्रिया पटेल और उनकी मां कृष्णा पटेल में विवाद चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि आयोग ने निर्देश दिया है कि रजिस्ट्रीकृत अमान्यता प्राप्त राजनैतिक दल अपना दल के पदाधिकारियों के बीच आंतरिक विवादों के कारण आयोग के अभिलेख में आज के दिन इस दल का कोई अधिकृत पदाधिकारी नहीं है। आयोग के अभिलेख में इस दल के पदाधिकारियों की अनुमोदित सूची न होने के कारण किसी के द्वारा इस पार्टी का फार्म ए और फार्म बी देने पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम एलए समीर वर्मा ने बताया कि आदेश में कहा गया है कि रिटर्निंग ऑफीसर, सहायक रिटर्निंग ऑफीसर और संबंधित अफसरों के संज्ञान में लाते हुए इसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
विज्ञापन
प्रदेश से केंद्रीय मंत्री और सांसद भी
पिछला लोकसभा चुनाव अपना दल ने भाजपा के साथ मिलकर लड़ा था। प्रदेश में अपना दल इकलौती पार्टी थी जिससे भाजपा ने गठबंधन किया था। भाजपा ने अपना दल को प्रदेश में दो सीटें मिर्जापुर और प्रतापगढ़ दी थीं। अपना दल ने दोनों ही सीटों पर जीत हासिल की थी। मिर्जापुर से अनुप्रिया पटेल और प्रतापगढ़ से कुंवर हरवंश सिंह सांसद चुने गए थे। अनुप्रिया पटेल को भाजपा ने केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया है। अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर अनुप्रिया पटेल और उनकी मां कृष्णा पटेल में विवाद चल रहा है।
विज्ञापन