सिख विरोधी दंगा: दुकानदार बोला...मेरे सामने दंगाइयों ने किया था नरसंहार, जला दिए थे शव
निराला नगर तिहरे हत्याकांड में एक और प्रत्यक्षदर्शी का कोर्ट में बयान दर्ज कराया गया है। इस मामले में अब तक चार प्रत्यक्षदर्शियों ने बयान दिए हैं। गवाहों के बयानों से केस और मजबूत हो गया है।
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सिख विरोधी दंगों के दौरान निराला नगर में हुए तिहरे हत्याकांड के संबंध में ये बयान एक दुकानदार ने सोमवर को कोर्ट में दर्ज कराए गए। उसने कहा कि हाथों में लाठी-डंडे और असलहों लैस होकर दंगाइयों ने घर पर हमला कर दिया था। घर के भीतर से चीख पुकार सुनाई दे रही थी। मेरे सामने ही तीन सिखों को पीट-पीटकर मार दिया गया था। आखिर में दो शव भी जला दिए थे। मंजर बहुत भयावह था। जो आज भी मेरी आंखों के सामने दिखता है।
हत्याकांड में रक्षपाल सिंह, भूपेंदर सिंह और सतवीर सिंह उर्फ काले की दंगाइयों ने हत्या की थी। पिछले सप्ताह एसआईटी ने इसी मामले में चार आरोपियों को जेल भेजा था। तब तक तीन गवाहों के बयान कोर्ट में हो चुके थे। वहीं, अब सोमवार को एक और अहम प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार के बयान एसआईटी ने कोर्ट में कराए।
दुकानदार ने पूरी घटना कोर्ट को बताई। उन्होंने कहा कि दंगाइयों ने निर्ममता से गोलियां बरसाई थीं। लाठी-डंडों से पीटा था। छत से फेंक दिया था। बाद में पेट्रोल डालकर दो शवों में आग लगा दी थी। सतवीर की हत्या गोली मारकर ही की गई थी। परिजन किसी तरह से भागकर वहां से जान बचा सके थे।
बयानों से मजबूत होगा केस, सख्त सजा मिलने की उम्मीद
एसआईटी डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि केस से संबंधित जितने भी गवाह व साक्ष्य मिलेंगे उतना केस मजबूत होगा। इससे आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलने की उम्मीद बढ़ती जाएगी। इसलिए विवेचकों को निर्देशित किया गया है कि वह अधिक से अधिक गवाहों की तलाश कर उनके बयान कराएं। अन्य कई केसों में भी और गवाह सामने आए हैं। एक एक कर इसी तरह से सभी के बयान कराए जाएंगे।
दंगाइयों ने कर दी थी एक ही परिवार सात लोगों की हत्या
एसआईटी जिन 12 केसों की विवेचना कर रही है, उसमें दबौली का एक ऐसा केस में जिसमें सबसे ज्यादा लोगों की हत्या की गई थी। इस हत्याकांड में एक ही परिवार के आठ लोगों को दंगाइयों ने मार दिया था। इसमें विशाख सिंह व उनकी पत्नी सरनकौर के अलावा उनकी बेटी गुरवचन कौर, चार बेटे जोगेंद्र सिंह, गुरुचरन सिंह, छतरपाल सिंह और गुरुमुख सिंह को मौत के घाट उतारा गया था। इसमें एसआईटी ने कुल 8 आरोपियों की पहचान की। जांच में पता चला कि इसमें से चार आरोपियों की मौत हो चुकी है। शेष चार आरोपियों की गिरफ्तारी इसमें की जाएगी। अन्य केसों में भी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू हो गए हैं।