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सिख विरोधी दंगा: मेरी आंखों के सामने पति और देवर को पीट-पीटकर मार डाला था
Sun, 20 Dec 2020 11:02 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 20 Dec 2020 11:02 AM IST
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सिख दंगा (फाइल फोटो)
- फोटो : गूगल
पति और देवर की दर्दनाक मौत मैं आज भी नहीं भूल पाई हूं। जिस तरह दंगाइयों ने मेरी आंखों के सामने दोनों की लाठी-डंडों और सरिया से पीट-पीटकर मार डाला था, वह दर्द मैं आज भी महसूस करती हूं। दंगाइयों की भीड़ के आगे मैं और मेरा परिवार असहाय था। हम लोग कुछ नहीं कर पाए थे।
सिख विरोधी दंगे में अपनों को खोने का दुखड़ा पीड़िता ने शनिवार को एसआईटी के सामने सुनाया। एसआईटी ने पंजाब के मोहाली में पीड़िता के घर जाकर बयान दर्ज किए हैं। कल्याणपुर के शारदानगर में हुकुम सिंह का परिवार रहता था। 1984 के दंगों में हुकुम सिंह के बेटों भगत सिंह व हरबंश सिंह की हत्या हो गई थी।
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सिख विरोधी दंगे में अपनों को खोने का दुखड़ा पीड़िता ने शनिवार को एसआईटी के सामने सुनाया। एसआईटी ने पंजाब के मोहाली में पीड़िता के घर जाकर बयान दर्ज किए हैं। कल्याणपुर के शारदानगर में हुकुम सिंह का परिवार रहता था। 1984 के दंगों में हुकुम सिंह के बेटों भगत सिंह व हरबंश सिंह की हत्या हो गई थी।
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एसआईटी ने हरबंश सिंह की पत्नी सुरिंदर कौर, भाई संत सिंह की पत्नी सुरेंदर और चौथे भाई दर्शन सिंह की पत्नी मंजीत कौर के बयान दर्ज किए। तीनों महिलाओं ने बताया कि दंगाइयों ने भगत सिंह व हरबंश सिंह की उनके सामने ही हत्या कर घर में डकैती डाली थी।
इसके बाद वे लोग मोहाली आकर बस गए थे। कल्याणपुर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने साक्ष्यों के अभाव में फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिया था। एसआईटी एसएसपी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि जांच के दौरान इस केस संबंधित दस्तावेज मिले हैं, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।
पता चला कि पीड़ित परिवार के परिजन मोहाली में रहते हैं। एसआइटी के दरोगा शिवमंगल सिंह के नेतृत्व में शनिवार को एक टीम मोहाली पहुंची और बयान लिए। एसएसपी ने बताया कि तीनों महिलाएं चश्मदीद गवाह भी हैं। आरोपियों की शिनाख्त भी की है। जल्द इन सभी के कोर्ट में बयान कराए जाएंगे।
इसके बाद वे लोग मोहाली आकर बस गए थे। कल्याणपुर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने साक्ष्यों के अभाव में फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिया था। एसआईटी एसएसपी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि जांच के दौरान इस केस संबंधित दस्तावेज मिले हैं, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।
पता चला कि पीड़ित परिवार के परिजन मोहाली में रहते हैं। एसआइटी के दरोगा शिवमंगल सिंह के नेतृत्व में शनिवार को एक टीम मोहाली पहुंची और बयान लिए। एसएसपी ने बताया कि तीनों महिलाएं चश्मदीद गवाह भी हैं। आरोपियों की शिनाख्त भी की है। जल्द इन सभी के कोर्ट में बयान कराए जाएंगे।