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सिख विरोधी दंगा: 9 केस बंद, 54 आरोपियों पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, पूरी हुई 11 मुकदमों की विवेचना
Wed, 11 Aug 2021 12:16 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 11 Aug 2021 12:16 PM IST
सार
शासन की मंजूरी मिलते ही आरोपियों की धरपकड़ शुरू होगी। चार से पांच महीने के भीतर एसआईटी अपनी कार्रवाई पूरी करने की जद्दोजहद में है। एसआईटी ने 20 केसों की जांच शुरू की थी।
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सिख विरोधी दंगा
- फोटो : गूगल
विस्तार
सिख विरोधी दंगों की जांच अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। एसआईटी ने 11 मुकदमों की जांच पूरी कर ली है। 9 केस बंद कर दिए गए हैं। जिन केसों की जांच पूरी की गई उसमें के 54 आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। सभी का सत्यापन भी हो चुका है।
शासन की मंजूरी मिलते ही आरोपियों की धरपकड़ शुरू होगी। चार से पांच महीने के भीतर एसआईटी अपनी कार्रवाई पूरी करने की जद्दोजहद में है। एसआईटी ने 20 केसों की जांच शुरू की थी। हत्या कर डकैती से संबंधित सभी केस थे।
एसएसपी एसआईटी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि 9 केसों को बंद कर दिया गया है। किसी में वादी, गवाह नहीं मिले तो किसी में ये दोनों खोज लिए गए लेकिन वह आगे कार्रवाई नहीं करना चाहते थे। लिहाजा इन केसों को बंद करना पड़ा है। अन्य केसों की विवेचना पूरी कर ली गई है।
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ये केस शहर के अलग-अलग थानों गोविंद नगर, बर्रा, फजलगंज, नौबस्ता व अर्मापुर से संबंधित हैं। इसमें कुल 67 आरोपियों का सत्यापन किया गया था जिनमें से 13 की मौत हो चुकी है। इस हिसाब से 54 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मंजूरी मांगी गई है।
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शासन की मंजूरी मिलते ही आरोपियों की धरपकड़ शुरू होगी। चार से पांच महीने के भीतर एसआईटी अपनी कार्रवाई पूरी करने की जद्दोजहद में है। एसआईटी ने 20 केसों की जांच शुरू की थी। हत्या कर डकैती से संबंधित सभी केस थे।
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एसएसपी एसआईटी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि 9 केसों को बंद कर दिया गया है। किसी में वादी, गवाह नहीं मिले तो किसी में ये दोनों खोज लिए गए लेकिन वह आगे कार्रवाई नहीं करना चाहते थे। लिहाजा इन केसों को बंद करना पड़ा है। अन्य केसों की विवेचना पूरी कर ली गई है।
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ये केस शहर के अलग-अलग थानों गोविंद नगर, बर्रा, फजलगंज, नौबस्ता व अर्मापुर से संबंधित हैं। इसमें कुल 67 आरोपियों का सत्यापन किया गया था जिनमें से 13 की मौत हो चुकी है। इस हिसाब से 54 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मंजूरी मांगी गई है।
चार के कोर्ट में बयान होना बाकी
एसएसपी ने बताया कि इन केसों में से चार लोगों (गवाह व वादी) के कोर्ट में बयान होना बाकी है। ये चार लोग दो-तीन केसों से संबंधित हैं। हालांकि एसआईटी इन सभी के बयान ले चुकी है। जिसमें उन्होंने आरोपों के सापेक्ष ही बयान दिए हैं। दो तीन सप्ताह में बचे हुए लोगों के बयान करवा लिए जाएंगे। उसके बाद सिर्फ गिरफ्तारी की प्रक्रिया बचेगी।
कुछ आरोपी 80 वर्ष से अधिक के
एसएसपी ने बताया कि 54 आरोपियों में से आधा दर्जन आरोपी 80 वर्ष की उम्र से अधिक हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अनुमति एसआईटी शासन से लेगी। दो तीन आरोपी कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इन सभी पर कार्रवाई को लेकर अभी फैसला कुछ ही समय में होगा।
एसएसपी ने बताया कि इन केसों में से चार लोगों (गवाह व वादी) के कोर्ट में बयान होना बाकी है। ये चार लोग दो-तीन केसों से संबंधित हैं। हालांकि एसआईटी इन सभी के बयान ले चुकी है। जिसमें उन्होंने आरोपों के सापेक्ष ही बयान दिए हैं। दो तीन सप्ताह में बचे हुए लोगों के बयान करवा लिए जाएंगे। उसके बाद सिर्फ गिरफ्तारी की प्रक्रिया बचेगी।
कुछ आरोपी 80 वर्ष से अधिक के
एसएसपी ने बताया कि 54 आरोपियों में से आधा दर्जन आरोपी 80 वर्ष की उम्र से अधिक हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अनुमति एसआईटी शासन से लेगी। दो तीन आरोपी कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इन सभी पर कार्रवाई को लेकर अभी फैसला कुछ ही समय में होगा।