फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   anpur: Plot Worth ₹4.5 Crore Mortgaged for Business Partnership, Followed by Fraud; Case Registered

Kanpur: पार्टनरशिप व्यापार में गिरवी रखवाया 4.5 करोड़ का प्लाट, फिर की जालसाजी, रिपोर्ट दर्ज

Wed, 20 May 2026 10:35 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Wed, 20 May 2026 10:35 PM IST
सार

Kanpur News: पीड़ित की तहरीर पर दंपति समेत चार लोगों के खिलाफ कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। 

विज्ञापन
anpur: Plot Worth ₹4.5 Crore Mortgaged for Business Partnership, Followed by Fraud; Case Registered
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कल्याणपुर के आवास विकास निवासी बिल्डर को पार्टनरशिप में इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का व्यापार करना भारी पड़ गया। शातिरों ने झांसे में लेकर उनसे 4.5 करोड़ रुपये कीमत का प्लॉट बैंक में गिरवी रखवा कर 7 करोड़ रुपये बैंक से लोन लिया। इसके बाद कंपनी के दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर कंपनी के रुपये अपने परिचितों को ट्रांसफर कर दिए। वहीं बैंक में गिरवी रखे गए प्लॉट की किस्तें भी नहीं चुकाईं। आरोप है कि विरोध पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस कमिश्नर से शिकायत के बाद चार के खिलाफ जालसाजी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन


कल्याणपुर, आवास-विकास-1 निवासी अजय सिंह चौहान ने बताया कि एफनिटी फर्स्ट डेवलेपर प्रा.लि. नाम से कंपनी है। जिसमें उनकी पत्नी अनुपम चौहान और प्रगति द्विवेदी भी डायरेक्टर हैं। कंपनी ने व्यवसायिक आवश्यकता के लिए मिर्जापुर कल्याणपुर में 4.5 करोड़ रुपये कीमत का 600 वर्ग गज प्लॉट खरीदा। इसी दौरान राजीव त्रिपाठी और रवि त्रिपाठी ने मुलाकात की। बताया कि उनकी दुबई में एमटीएस फूडस्टफ एलएलसी नाम से कंपनी है। साथ मिलकर इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट का बिजनेस करने को कहा। इस पर अजय राजी हो गए। 4 अगस्त 2023 को राज वंदनम इंटरनेशनल एलएलपी नाम से कंपनी बनाई गई। जिसमें राजीव ने पत्नी वंदना त्रिपाठी जबकि अजय ने पत्नी अनुपम को डायरेक्टर बनाया।
विज्ञापन


कंपनी चलाने के लिए एसबीआई की बिरहाना रोड शाखा से 7 करोड़ का लोन लिया गया। जिसके लिए अजय ने अपना प्लॉट बैंक में बंधक कर दिया। आरोप है कि राजीव ने दुबई वाली अपनी कंपनी से फर्जी पीआई बनाकर नई बनी कंपनी को भेजा। इसके बाद राज-वंदनम कंपनी का रुपया धीरे-धीरे कर अपनी रिश्तेदारों की कंपनी में ट्रांसफर कर दिया। राजीव ने सिग्नेचर अथॉरिटी भी अपनी पत्नी वंदना के नाम पर कर ली। कंपनी के कोष में जमा पूरा रुपया शातिरों ने निकाल लिया। इसके बाद लोन भी नहीं चुकाया। कल्याणपुर इंस्पेक्टर ने बताया कि राजीव, रवि, वंदना और प्रशांत द्विवेदी पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed