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स्वरोजगार के लिए औद्योगिक ऋण हासिल करने का फिर आया मौका, 31 मई तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
Sun, 03 May 2020 12:59 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 03 May 2020 12:59 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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स्वरोजगार के लिए औद्योगिक ऋण हासिल करने का एक बार फिर मौका आया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए सरकार ने आवेदन प्राप्त करने की स्वीकृति दे दी है। शहरवासी अपनी योग्यता और कार्य दक्षता के मुताबिक प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं एक जनपद, एक उत्पाद योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन करने की अंतिम तारीख 31 मई है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं एक जनपद, एक उत्पाद योजना के आवेदन सिर्फ http://www.diupmsme.upsdc.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रकिया के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे। वहीं, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का आवेदन http://www.kviconline.gov.in पर किया जा सकता है। संयुक्त आयुक्त उद्योग सर्वेश्वर शुक्ल ने बताया की योजनाओं की विस्तृत जानकारी के लिए फजलगंज स्थित जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में भी संपर्क किया जा सकता है।
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आवेदन करने की अंतिम तारीख 31 मई है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं एक जनपद, एक उत्पाद योजना के आवेदन सिर्फ http://www.diupmsme.upsdc.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रकिया के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे। वहीं, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का आवेदन http://www.kviconline.gov.in पर किया जा सकता है। संयुक्त आयुक्त उद्योग सर्वेश्वर शुक्ल ने बताया की योजनाओं की विस्तृत जानकारी के लिए फजलगंज स्थित जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में भी संपर्क किया जा सकता है।
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इन योजनाओं में करें आवेदन
एक जिला एक उत्पाद योजना: इस योजना में अब चमड़े के साथ होजरी और टेक्सटाइल उद्योग शामिल है। इन उत्पादों से संबंधित उद्योग, सेवा और व्यवसाय को आर्थिक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से वित्त पोषण योजना लागू की गई है। इच्छुक लोग इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसमें 25 लाख रुपये तक की परियोजना लागत वाली इकाइयों को परियोजना लागत का 25 फीसदी व 6.25 लाख रुपये में से जो कम होगा वह मार्जिन मनी के तौर पर मिलेगी।
25 से 50 लाख तक की परियोजना लागत वाली इकाइयों को सवा छह लाख अथवा परियोजना लागत का 20 प्रतिशत में से जो भी अधिक होगा, वह मार्जिन मनी के तौर पर दी जाएगी। इसी तरह 50 लाख से डेढ़ करोड़ तक की लागत वाली इकाइयों को 10 लाख रुपये अथवा परियोजना लागत का 10 फीसदी में से जो अधिक होगा, वह मिलेगा। डेढ़ करोड़ से अधिक लागत वाली इकाइयों को परियोजना लागत का 10 फीसदी या 20 लाख रुपये में से जो कम होगा वह दिया जाएगा।
एक जिला एक उत्पाद योजना: इस योजना में अब चमड़े के साथ होजरी और टेक्सटाइल उद्योग शामिल है। इन उत्पादों से संबंधित उद्योग, सेवा और व्यवसाय को आर्थिक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से वित्त पोषण योजना लागू की गई है। इच्छुक लोग इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसमें 25 लाख रुपये तक की परियोजना लागत वाली इकाइयों को परियोजना लागत का 25 फीसदी व 6.25 लाख रुपये में से जो कम होगा वह मार्जिन मनी के तौर पर मिलेगी।
25 से 50 लाख तक की परियोजना लागत वाली इकाइयों को सवा छह लाख अथवा परियोजना लागत का 20 प्रतिशत में से जो भी अधिक होगा, वह मार्जिन मनी के तौर पर दी जाएगी। इसी तरह 50 लाख से डेढ़ करोड़ तक की लागत वाली इकाइयों को 10 लाख रुपये अथवा परियोजना लागत का 10 फीसदी में से जो अधिक होगा, वह मिलेगा। डेढ़ करोड़ से अधिक लागत वाली इकाइयों को परियोजना लागत का 10 फीसदी या 20 लाख रुपये में से जो कम होगा वह दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री रोजगार कार्यक्रम: इस योजना में उद्योग स्थापित करने के इच्छुक आवेदकों को उत्पादन क्षेत्र की इकाई के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये तथा सेवा क्षेत्र की इकाई को 10 लाख रुपये तक की धनराशि बैंकों के माध्यम से ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। शहरी क्षेत्र के अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को 15 फीसदी व आरक्षित श्रेणी के आवेदकों को 25 फीसदी तथा ग्रामीण क्षेत्र के अनारक्षित श्रेणी के आवेदकों को 25 फीसदी व आरक्षित श्रेणी के आवेदकों को 35 फीसदी धनराशि अनुदान के रूप में मिलेगी।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: इसमें उद्योग क्षेत्र की परियोजना के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र की परियोजना के लिए 10 लाख तक की धनराशि बैंकों के माध्यम से ऋण के रूप में मिलेगी। अनारक्षित श्रेणी के आवेदकों को कुल परियोजना लागत का 10 फीसदी तथा आरक्षित श्रेणी के आवेदकों को परियोजना लागत का 5 फीसदी अंशदान ऋण प्राप्त करने से पहले अपने बैंक खाते में जमा रखना होगा। इस योजना में सभी श्रेणियों को कुल परियोजना लागत का 25 फीसदी अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। दो वर्ष तक उद्योग के सफल संचालन के बाद अनुदान की राशि में बदलाव किया जा सकता है।
आवेदन के लिए योग्यता: आवेदक मूलरूप से उत्तर प्रदेश का हो, आयु 18 से 40 वर्ष और न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल या इसके समकक्ष होनी चाहिए। किसी अन्य औद्योगिक ऋण योजना का लाभ न लिया हो। और किसी वित्तीय संस्थान का डिफाल्टर न हो।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: इसमें उद्योग क्षेत्र की परियोजना के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र की परियोजना के लिए 10 लाख तक की धनराशि बैंकों के माध्यम से ऋण के रूप में मिलेगी। अनारक्षित श्रेणी के आवेदकों को कुल परियोजना लागत का 10 फीसदी तथा आरक्षित श्रेणी के आवेदकों को परियोजना लागत का 5 फीसदी अंशदान ऋण प्राप्त करने से पहले अपने बैंक खाते में जमा रखना होगा। इस योजना में सभी श्रेणियों को कुल परियोजना लागत का 25 फीसदी अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। दो वर्ष तक उद्योग के सफल संचालन के बाद अनुदान की राशि में बदलाव किया जा सकता है।
आवेदन के लिए योग्यता: आवेदक मूलरूप से उत्तर प्रदेश का हो, आयु 18 से 40 वर्ष और न्यूनतम शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल या इसके समकक्ष होनी चाहिए। किसी अन्य औद्योगिक ऋण योजना का लाभ न लिया हो। और किसी वित्तीय संस्थान का डिफाल्टर न हो।