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कर्ज में डूबे एक और किसान की सांसें थमीं, सरकार के बड़े-बड़े दावे हुए बासी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 22 Sep 2016 03:51 PM IST
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कर्ज में डूबे एक किसान ने आखिरकार खुद को मौत के हवाले कर दिया। फतेहपुर के ललौली थाना अंतर्गत बतौली गांव में धन्नू (67) ने खेत में जाकर फांसी लगाकर जान दे दी। धन्नू के परिजनों के मुताबिक उसके ऊपर डेढ़ लाख का कर्ज हो गया था। तगादे वाले बढ़ गए थे। एक तगादेदार ने तो खेत जोत देने की धमकी तक दे डाली थी। मृतक धन्नू के दो बेटे और तीन बेटियां थीं। पत्नी ने बताया कि रात दो बजे धन्नू अचानक खेत की तरफ चले गए। सुबह खोजबीन की गई तो उनका शव पेड़ से लटका मिला। फसलें चौपट होने पर मुआवजे की मांग भी धन्नू ने की थी लेकिन सरकार की ओर से कोई भी मदद नहीं मिली। थानाध्यक्ष ने बताया कि बॉडी का पंचनामा भरके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दस दिन पहले महोबा जिले के कस्बा जैतपुर मोहल्ला घुसयाना निवासी किसान पूरनलाल (50) की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। पूरनलाल को हार्ट अटैक फसल बर्बाद हो जाने के बाद आया था। पूरन ने फसल बर्बाद होने का क्लेम किया था लेकिन उसे भी धन्नू की तरह कोई सरकारी मुआवजा नहीं मिला।
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दस दिन पहले महोबा जिले के कस्बा जैतपुर मोहल्ला घुसयाना निवासी किसान पूरनलाल (50) की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। पूरनलाल को हार्ट अटैक फसल बर्बाद हो जाने के बाद आया था। पूरन ने फसल बर्बाद होने का क्लेम किया था लेकिन उसे भी धन्नू की तरह कोई सरकारी मुआवजा नहीं मिला।
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