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ये तो हद ही हो गई: आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चा बंद कर चली गई कार्यकर्ता व सहायिका, डेढ़ घंटे रोता रहा मासूम
Fri, 17 Jul 2026 12:17 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: Shikha Pandey
Updated Fri, 17 Jul 2026 12:17 AM IST
सार
Farrukhabad News: आंगनबाड़ी केंद्र में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। कार्यकर्ता व सहायिका आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चा बंद कर चली गईं।
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केंद्र के कमरे में बच्चे के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बढ़पुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव गुतासी में बृहस्पतिवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका तीन वर्षीय मासूम को केंद्र में ही बंद कर चली गईं। बच्चे के रोने की आवाज सुन पहुंचे प्रधान ने कार्यकर्ता से कक्ष खुलवाया और बच्चे को उसके पिता को सौंपा। मामले की शिकायत अधिकारियों से की गई है।
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गांव गुतासी के पंचायतघर में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। सुबह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ममता सिंह व सहायिका पूनम राजपूत ने केंद्र खोला। कुछ देर बाद दोनों केंद्र में ताला लगाकर चली गईं। बंद केंद्र में बच्चे के रोने की आवाज सुनकर प्रधान आशीष मिश्र वहीं रुक गए। इसी बीच पहुंची कार्यकर्ता से केंद्र का ताला खोलने को कहा और वीडियो बनाने लगे। ताला खोलने पर तीन वर्षीय अनुरुद्ध रोता हुआ मिला। प्रधान ने उसके पिता अनिल सिंह को बुलाकर उसे सौंप दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ममता सिंह ने बताया कि वह सुबह 7:30 बजे केंद्र खोलने के बाद 9:10 बजे संचारी रोग नियंत्रण अभियान में गांव में चली गई थीं।
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केंद्र पर सहायिका मौजूद थी। करीब 11 बजे जब वह पहुंची तो बच्चे के रोने की आवाज सुनाई देने पर केंद्र का ताला खोलकर उसे निकाला। सहायिका से चूक हुई है। सहायिका पूनम राजपूत ने बताया कि वह बच्चों को प्राथमिक विद्यालय में मध्याह्न भोजन कराने चली गई थीं।
अनुरुद्ध मेज के नीचे सो गया था। इससे वह देख नहीं पाईं और गलती हो गई। आधा घंटे में ही वह केंद्र पर वापस आ गई थीं। जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मामला संज्ञान में है। उन्होंने कार्यकर्ता व सहायिका को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। लापरवाही के मामले में दोनों के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।