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एचबीटीयू का दीक्षांत समारोह: कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल बोलीं- विश्व गुरु बनाने में मोदी का सहयोग करें
Mon, 27 Dec 2021 09:36 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 27 Dec 2021 09:36 PM IST
सार
कुलाधिपति ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम बढ़ाने नहीं तेजी से चलने की जरूरत है। सरकार ऐसे लोगों को प्रमोट कर रही है, जो स्टार्टअप से देश को कुछ नया देना चाहते हैं।
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कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विश्वगुरु और मुख्य अतिथि योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने में लगे हुए हैं, आपको उनका सहयोग करना है। हम विश्वगुरु थे, यही देश की पहचान थी, कुछ समय के लिए हम अपनी शक्ति भूल गए थे, जिसे एक बार फिर पहचानने की जरूरत है।
यह बात हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के तीसरे दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहीं कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने कही। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले हुए शताब्दी समारोह में आए राष्ट्रपति ने देश को नॉलेज सुपर पॉवर बनाने पर जोर दिया था।
तकनीक संस्थानों के छात्र इसमें सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आत्मनिरीक्षण और चिंतन की आवश्यकता है। उन्होंने कुलपति प्रो. समशेर से कहा कि संस्थान के छात्रों को देर से पूरी होने वाली परियोजनाओं के बारे में बताएं। उस देरी से होने वाले नुकसान बताएं। छात्रों को देश में चल रहीं परियोजनाओं पर 10 से 15 दिनों के लिए भ्रमण पर भेजें। परियोजनाओं की समस्याओं को दूर करने के लिए छात्र सुझाव भी दें।
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यह बात हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के तीसरे दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहीं कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने कही। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले हुए शताब्दी समारोह में आए राष्ट्रपति ने देश को नॉलेज सुपर पॉवर बनाने पर जोर दिया था।
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तकनीक संस्थानों के छात्र इसमें सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आत्मनिरीक्षण और चिंतन की आवश्यकता है। उन्होंने कुलपति प्रो. समशेर से कहा कि संस्थान के छात्रों को देर से पूरी होने वाली परियोजनाओं के बारे में बताएं। उस देरी से होने वाले नुकसान बताएं। छात्रों को देश में चल रहीं परियोजनाओं पर 10 से 15 दिनों के लिए भ्रमण पर भेजें। परियोजनाओं की समस्याओं को दूर करने के लिए छात्र सुझाव भी दें।
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सरकार स्टार्टअप को कर रही प्रमोट
कुलाधिपति ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम बढ़ाने नहीं तेजी से चलने की जरूरत है। सरकार ऐसे लोगों को प्रमोट कर रही है, जो स्टार्टअप से देश को कुछ नया देना चाहते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के मयूर पाटिल का उदाहरण दिया, जिन्होंने तकनीक का प्रयोग करके अपनी पुरानी बाइक का माइलेज 70 फीसदी तक बढ़ा लिया और कार्बन उत्सर्जन भी कम किया। सरकार ने उनके स्टार्टअप पर 90 लाख की फंडिंग की है।
बगैर शोध देश की तरक्की कैसे होगी
कुलाधिपति ने कहा कि छात्र रिसर्च के क्षेत्र में कम जाते हैं, रिसर्च नहीं होगी तो देश की तरक्की कैसे होगी। छात्रों को अपने टैलेंट का उपयोग समाज और संस्थान की उन्नति के लिए करना चाहिए। तकनीक का प्रयोग कर गांव को विकसित करने का प्रयास करें। संस्थान गांव के बच्चों की शिक्षा को सुदृढ़ करने में सहयोग करें।
कुलाधिपति ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम बढ़ाने नहीं तेजी से चलने की जरूरत है। सरकार ऐसे लोगों को प्रमोट कर रही है, जो स्टार्टअप से देश को कुछ नया देना चाहते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के मयूर पाटिल का उदाहरण दिया, जिन्होंने तकनीक का प्रयोग करके अपनी पुरानी बाइक का माइलेज 70 फीसदी तक बढ़ा लिया और कार्बन उत्सर्जन भी कम किया। सरकार ने उनके स्टार्टअप पर 90 लाख की फंडिंग की है।
बगैर शोध देश की तरक्की कैसे होगी
कुलाधिपति ने कहा कि छात्र रिसर्च के क्षेत्र में कम जाते हैं, रिसर्च नहीं होगी तो देश की तरक्की कैसे होगी। छात्रों को अपने टैलेंट का उपयोग समाज और संस्थान की उन्नति के लिए करना चाहिए। तकनीक का प्रयोग कर गांव को विकसित करने का प्रयास करें। संस्थान गांव के बच्चों की शिक्षा को सुदृढ़ करने में सहयोग करें।